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गुरुग्राम: खुले में नमाज का व‍िरोध के बाद हर‍ियाणा वक्‍फ बोर्ड की मांग- हमारी जमीनों से कब्‍जा हटवाएं

हरियाणा वक्फ बोर्ड के मुताबिक उनकी 20 संपत्तियां इस वक्त अतिक्रमण का शिकार हैं और उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन संपत्तियों पर से जल्दी से जल्दी अतिक्रमण हटाया जाए।

। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़ने के विरोध का मामला अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। अब हरियाणा वक्फ बोर्ड ने मांग की है कि उनकी जमीन पर से अवैध कब्जा हटाया जाए। हरियाणा वक्फ बोर्ड ने जिला प्रशासन को लिखित रूप से कहा है कि वक्फ बोर्ड के करीब 20 संपत्तियों पर से अवैध कब्जा हटाया जाए। हरियाणा वक्फ बोर्ड के मुताबिक उनकी 20 संपत्तियां इस वक्त अतिक्रमण का शिकार हैं और उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन संपत्तियों पर से जल्दी से जल्दी अतिक्रमण हटाया जाए।

क्या है पूरा मामला? दरअसल सबसे पहले 20 अप्रैल को कुछ लोगों ने गुरुग्राम के सेक्टर – 53 में मुसलमानों द्वारा एक सार्वजनिक मैदान में नमाज पढ़े जाने का विरोध किया था। इतना ही नहीं इन युवकों ने नमाज पढ़ने आए लोगों को धमका कर वहां से भगा भी दिया था। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग नमाज में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस मामले में केस भी दर्ज कराया गया था, लेकिन बाद में आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया गया था।

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किसने क्या कहा? इस मामले के उजागर होने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इससे पहले कहा था कि यह हमारी ड्यूटी है कि कानून और व्यवस्था बनाई रखी जाए। खुले में नमाज पढ़ने का प्रचलन बढ़ा है। सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने की बजाय मस्जिद और ईदगाह में जाना चाहिए। सीएम के इस बयान के बाद यह मुद्दा काफी गरमा गया था।इस विवाद के सामने आने के बाद जानी-मानी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। तसलीमा ने ट्वीट कर कहा था कि नमाज मस्जिद या ईदगाह में पढ़नी चाहिए। यह समझ में आता है। यह दूसरे पूजा करने वालों के लिए भी लागू होना चाहिए। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी थी। अनिल विज ने कहा था कि कभी – कभार किसी को नमाज पढ़नी पड़ जाती है तो धर्म की आजादी है। लेकिन किसी जगह को कब्जा करने की नीयत से नमाज पढ़ना गलत है।

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