ताज़ा खबर
 

‘लोग नॉनवेज मांगते हैं पर हम मना कर देते हैं’ हाई कोर्ट से स्‍टे के बावजूद कुरुक्षेत्र में मांस बेचने से कतरा रहे होटल

आनंद बजाज ने साल 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पूछा था कि क्या राज्य सरकार किसी अधिसूचना या प्रशासनिक आदेश से राज्य में फूड आइटम्स जैसे मीट या मीट प्रोडक्ट्स की सेल को रेगुलेट कर सकती है?

Author October 28, 2018 9:12 AM
थानेसर में स्थित होटल सेफ्रोन। (express photo)

हरियाणा का थानेसर शहर अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, जिसके चलते यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन आस्था के चलते यहां प्रशासन और होटल मालिकों के बीच ठनी हुई है। दरअसल तीर्थस्थान होने के चलते थानेसर और उसके नजदीकी पेहोवा में शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध है। यूं तो यह प्रतिबंध सालों से चला आ रहा है, लेकिन सरकार ने साल 2017 में एक अधिसूचना जारी कर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगाया था। सरकार के इस फैसले से इस शहर का होटल व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इसी के चलते थानेसर में स्थित होटल सैफ्रोन के मालिक आनंद बजाज ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने भी आनंद बजाज को राहत देते हुए सरकार के बैन के फैसले को स्टे कर दिया। हालांकि यह स्टे अल्पकालिक है और मामले की अगली सुनवाई यानि कि 29 जनवरी, 2019 को इसपर फिर से फैसला किया जाएगा। लेकिन होटल सेफ्रोन में अभी तक मांस की बिक्री शुरु नहीं हो सकी है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही वह अपने ग्राहकों को चिकन परोसना शुरु कर देंगे। आनंद बजाज का कहना है कि उनके होटल में चिकन डिश की काफी मांग रहती है।

आनंद बजाज ने साल 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पूछा था कि क्या राज्य सरकार किसी अधिसूचना या प्रशासनिक आदेश से राज्य में फूड आइटम्स जैसे मीट या मीट प्रोडक्ट्स की सेल को रेगुलेट कर सकती है? जबकि उन्होंने केन्द्रीय कानून फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के तहत लाइसेंस लिया हुआ है। इसके साथ ही क्या राज्य सरकार किसी व्यक्ति के व्यापार करने के मौलिक अधिकार को सीमित कर सकती है? आनंद बजाज का अपनी याचिका के समर्थन में कहना है कि हमारे यहां लगातार ऐसे ग्राहक आते हैं, जो नॉन-वेज खाने की फरमाइश करते हैं। हम अपने ग्राहकों को क्या कहें कि यह एक तीर्थ स्थान है, इसलिए आप वह नहीं खा सकते, जो आप खाना चाहते हैं! आनंद बजाज का कहना है कि इसके चलते हमारे ग्राहक लगातार कम हो रहे हैं। होटल सेफ्रोन के मालिक का ये भी कहना है कि शराब और मीट पर प्रतिबंध सिर्फ थानेसर म्यूनिसिपैलिटी के 32 स्कवायर किलोमीटर के एरिया में ही लागू होता है। जबकि इस एरिया के बाहर नॉन वेज की यहां बहुत सी दुकाने हैं, जिन पर चिकन, भेड और मछली जैसे नॉन वेज खाने आसानी से मिल जाते हैं।

आनंद बजाज का ये भी तर्क है कि थानेसर या पेहोवा में चिकन या मछली जैसे नॉन वेज आइटम लाने पर कोई पाबंदी नहीं है और यह प्रतिबंध सिर्फ यहां खरीदने और बेचने पर है। गौरतलब है कि होटल सेफ्रोन से सिर्फ 4 किलोमीटर दूर हरियाणा टूरिज्म डिपार्टमेंट के होटल पाराकेट में नॉन-वेज आइटम की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है, क्योंकि वह म्यूनिसिपैलिटी की सीमा से बाहर आता है! आनंद बजाज की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि मामले की अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ लाइसेंस के तहत फूड आइटम बेचने पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी बीच होटल सेफ्रोन को कोर्ट से मिली राहत के बीच इलाके में स्थित फूड चेन मैक्डोनॉल्ड ने भी नॉन वेज आइटम बेचने की इच्छा जतायी है। बता दें कि अभी तक मैक्डॉनॉल्ड यहां वेज फूड आइटम ही बेच रहा था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App