ताज़ा खबर
 

निकिता तोमर मर्डर केसः शोहदों ने कर दी थी दिनदहाड़े हत्या, 151 दिनों में कोर्ट ने दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

पांच महीने पहले दो मुस्लिम युवकों ने निकिता तोमर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी, परिजनों को उम्मीद थी कि इस मामले में दोषियों को फांसी की सजा होगी।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र फरीदाबाद | Updated: March 26, 2021 5:21 PM
Nikita tomar Murder, Haryanaनिकिता तोमर को पिछले साल अक्टूबर में दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। (वीडियो स्क्रीनग्रैब)

हरियाणा में फरीदाबाद की एक अदालत ने बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में दोषी तौसीफ और रेहान को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों को बुधवार को निकिता की हत्या का दोषी करार दिया गया था। एक अन्य आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। कोर्ट ने अभूतपूर्व तेजी दिखाते हुए इस मामले में दोषियों को 151 दिनों में ही सजा सुना दी।

इस फैसले के बाद निकिता की मां ने कहा है कि हम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। निकिता की मां ने  इस मामले में आगे अपील करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे दोषियों को फांसी के तख्त तक पहुंचा कर रहेंगी। निकिता तोमर पक्ष के अधिवक्ता ऐदल सिंह दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि इस मामले में कुल 57 गवाहों की गवाही हो हुई है जबकि बचाव पक्ष की ओर से वकील अनवर खान, अनीस खान और पीएल गोयल ने आरोपियों के बचाव में उसका पक्ष रखा। इस मामले को 26 मार्च को पूरे पांच माह हो गए।

पुलिस ने लिया था फास्ट ट्रैक ऐक्शन: बता दें कि हत्या के 11 दिन बाद ही पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दायर कर दिया था। गौरतलब है कि बीकॉम ऑनर्स की छात्रा निकिता की 26 अक्टूबर 2020 को अग्रवाल कॉलेज के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की साजिश का आरोप सोहना निवासी तौसीफ, नूंह निवासी रेयान और अजरू पर लगा था, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।

निकिता के परिवार को थी दोषियों को फांसी मिलने की उम्मीद: निकिता तोमर के परिजनों को को दोनों दोषियों को फांसी मिलने की उम्मीद थी। निकिता के पिता मूलचंद तोमर ने दोषियों को फांसी की सज़ा मिलने की उम्मीद जताते हुए कहा था कि हमें कानून के बारे में ज्यादा नहीं पता है, लेकिन हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। अगर कातिलों को फांसी की सजा सुना दी जाएगी तो मैं विश्वास करूंगा कि सभी का बलिदान और मेहनत सफल हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि दोषी उनकी बेटी का धर्म परिवर्तन करा कर शादी करना चाहते थे लेकिन वह नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी गई। मृतक लड़की के पिता ने कहा, “हरियाणा में लव जिहाद पर कानून नहीं बना, इसलिए मैं सरकार से निराश हूं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वादा किया था कि वह कानून बना रहे हैं, लेकिन अभी तक नहीं बनाया गया।” उन्होंने सरकार से निकिता को सम्मान देने की मांग की ताकि उसे याद रखा जाए।

Next Stories
1 यूपी में 2 जगह पुलिस कमिश्नरेट प्रणालीः सतीश गणेश को वाराणसी तो असीम अरुण को कानपुर के पहले पुलिस आयुक्त का चार्ज
2 दो हफ्ते के अंदर मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश भेजे पंजाब सरकार, SC का आदेश
3 बंगाल दौरों को लेकर अमित शाह से पत्रकार का सवाल- आपको तो यहां ले लेना चाहिए मकान, देखें- क्या आया जवाब?
ये पढ़ा क्या?
X