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हंगामे के बाद हरियाणा CM का कार्यक्रम कैंसल, महीने भर पहले भी रद्द करना पड़ा था प्रोग्राम; विपक्ष बोला- ये हरियाणा की जनरल डायर सरकार

भीड़ ने यहां बनाए गए हेलीपैड क्षेत्र को भी तहस-नहस कर दिया। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल के पास रखी गईं कुर्सियों और वहां लगे फर्नीचर को भी तोड़ दिया गया।

haryana, cm, manohar lal khattarहंगामा कर रहे लोगों ने कुर्सियों को भी तोड़ दिया। फोटो सोर्स – Indian Express

हरियाणा के करनाल में हुए हंगामे के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रस्तावित कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा है। यहां किसान महापंचायत में सीएम को शामिल होना था। लेकिन उससे पहले ही यहां हंगामा खड़ा हो गया।  किसान महापंचायत से पहले कृषि कानून के विरोध में उग्र प्रदर्शन हुआ। यहां हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर यहां किसानों से संवाद करने वाले थे। रविवार दोपहर प्रदर्शनकारियों ने रैली के लिए बना मंच तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने किसानों को रोका तो दोनों के बीच कहासुनी हुई और थोड़ी ही देर में इसने झड़प का रुख ले लिया। उग्र किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल भी करना पड़ा। जो तस्वीरें वहां से आईं हैं उसमें नजर आ रहा है कि आयोजन स्थल के पास सारा सामान बिखरा पड़ा है। कई सारी कुर्सियां टूटी हुईं हैं और जहां-तहां फेंक दी गई हैं।कार्यक्रम स्थल से थोड़ी दूर पर जो हेलीपैड बनाया गया था किसानों ने उसे भी उखाड़ दिया था।

सीएम का कार्यक्रम रद्द हो जाने के बाद भी किसान वहां काफी देर तक डटे रहे। किसान काफी देर तक वहां सीएम मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ नारे लगाते रहे। किसान महापंचायत से पहले हुए इस हंगामे के बाद अब हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि ‘हरियाणा की जनरल डायर सरकार ने एक बार फिर से किसानों पर आँसू गैस के गोलों से हमला किया है। ये आँसू गैस के गोले किसानों को उनका हक लेने से नहीं रोक पाएंगे।’

कांग्रेस ने सीएम मनोहर की किसान महापंचायत को ढोंग बताया है। पार्टी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ‘मनोहर लाल जी, करनाल के कैमला गांव में किसान महापंचायत का ढोंग बंद कीजिए…अन्नदाताओं की संवेदनाओं एवं भावनाओं से खिलवाड़ करके क़ानून व्यवस्था बिगाड़ने की साज़िश बंद करिए। संवाद ही करना है तो पिछले 46 दिनों से सीमाओं पर धरना दे रहे अन्नदाता से कीजिए।’

मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कार्यक्रम पहले से तय था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सामने आया है कि महापंचायत की भनक को लेकर सुबह से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान कैमला गांव के आसपास इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। बड़ी संख्या में किसान हाइवे पर काले झंडे लेकर खड़े हो गए थे।

किसानों ने वहां रखी कुर्सियों को तोड़ दिया। फोटो सोर्स – Indian Express

महापंचायत से पहले हुए इस हंगामे का वीडियो सामने आने के बाद ट्विटर पर भी कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा कि ‘दिल्ली की जनता तो चीख चीखकर कर कह रही है आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की जनता को कोरोनावायरस से बचाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की थी। इस कारण आम आदमी पार्टी ही जनरल डायर की तरह काम करने वाली पार्टी है। दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के नेताओं को कभी भी माफ नहीं करेगी और इसका जवाब देंगी।’ राघव ने लिखा कि ‘किसानों की मांग जायज है।’

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यहां आपको बता दें कि इससे पहले भी करीब एक महीने पहले सीएम मनोहर लाल खट्टर का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था। Padha गांव में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से पहले भी जमकर हंगामा हुआ था।

प्रदर्शनकारियों ने उस वक्त हैलीपेड क्षेत्र को तहस-नहस किया था और कई टेंट भी उखाड़ फेंके थे।

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