Haryana Budget 2026-27: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोम वार को विधानसभा में 2 लाख 23 हजार 658.17 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया। होली से दो दिन पहले आए इस बजट में महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की। सरकार ने इस वित्त वर्ष में लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाने, महिलाओं के नाम वाहन खरीदने में एक फीसद की छूट, प्रदेश में सात नए महिला थाने बनाने, गुरुग्राम में नारी मंडपम की स्थापना व छात्राओं के लिए बसों की संख्या दोगुनी करने के प्रावधान किए गए।
युवाओं और किसानों के लिए भी कई प्रावधान
बजट में युवाओं और किसानों के लिए भी कई प्रावधान किए गए। साथ ही शिक्षा, कृषि तथा बुनियादी ढांचा के विकास पर खास ध्यान रखा गया है। बजट में 29 हजार 266.62 करोड़ रुपए खाद्य अदायगी राशि के रूप में रखे गए हैं। इसके अलावा पेंशन के लिए 17 हजार 430 करोड़ रुपए आरक्षित रखे गए हैं। मुख्यमंत्री सैनी बताया कि 13 बजट पूर्व बैठकों के माध्यम से कुल 2,199 सुझाव तथा कृत्रिम मेधा चैटबॉट से 12 हजार 400 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से पांच हजार सुझावों को बजट में शामिल किया गया है।
वार्षिक बजट के अनुसार प्रदेश का राजस्व घाटा घटकर 13188.05 करोड़ हो गया है। बजट की खास बात यह है कि वित्त मंत्री ने प्रदेश के लगभग सभी विभागों के लिए घोषणाएं की हैं। हरियाणा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कुल बजट का 98 फीसद हिस्सा खर्च हो चुका है।
नई बिजली वितरण कंपनी की स्थापना
नायब सैनी ने सोमवार को बतौर वित्त मंत्री विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए एक नई बिजली वितरण कंपनी की स्थापना के अलावा 100 करोड़ रुपए का हरित जलवायु लचीलापन कोष बनाने और राज्य पुलिस बल में अग्निवीरों के लिए 20 फीसद आरक्षण देने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष 1,300 अग्निवीरों की विशेष भर्ती भी की जाएगी। हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल में 1,149 कर्मियों को शामिल किया जाएगा और अधिकतम भागीदारी अग्निवीरों की सुनिश्चित होगी।
सैनी ने कहा कि हरियाणा के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 125 दिनों के वेतन-आधारित रोजगार की गारंटी देने के लिए 610 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हरियाणा के हरेक विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। पहला केंद्र कुरुक्षेत्र में 25 दिसंबर, 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
किसानों को दी जाएगी यह सौगात
कृषि क्षेत्र में पिछले साल ‘मेरा पानी-मेरी विरासत योजना’ के तहत धान की खेती छोड़ने वाले किसानों को प्रति एकड़ 8,000 रुपए का प्रोत्साहन दिया गया था। अब 2026-27 में ऐसे किसानों को, जो धान के बजाय दाल, तिलहन और कपास उगाएंगे, प्रति एकड़ अतिरिक्त 2,000 रुपए बोनस दिया जाएगा।
हरियाणा के रेवाड़ी और अंबाला में 300-300 करोड़ की लागत से दो नए दुग्ध संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन दोनों संयंत्रों की पांच लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता होगी। हिसार में हरियाणा पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में सात नए पशु औषधालय खोले जाएंगे। बीमारियों से बचाव व रोकथाम और पशुपालकों को प्रशिक्षण देने के लिए हिसार में एक बहुउद्देशीय पशुपालन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा केंद्र सरकार की तर्ज पर हरियाणा में 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने 14 हजार करोड़ से स्वास्थ्य प्रणाली को बदलने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का ऐलान किया। दवा नमूनों की जांच के लिए पंचकूला व करनाल में दो नई औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी।
पार्षदों को पहली बार वित्तीय अधिकार
हरियाणा सरकार ने स्थानीय निकायों के पार्षदों को पहली बार वित्तीय अधिकार दिए हैं। नायब सैनी ने पार्षद आपातकालीन कोष स्थापित करने का ऐलान किया है। अब नगर निगम के पार्षदों के लिए छह लाख, नगर परिषद के पार्षदों के लिए तीन लाख तथा नगर पालिका के पार्षदों के लिए डेढ़ लाख रुपए सालाना का कोष तैयार किया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल कोई भी पार्षद विकास कार्यों के लिए कर सकेगा। वित्त मंत्री ने पानी व सीवर के बिलों पर 140 करोड़ का सरचार्ज माफ करने का ऐलान भी किया है।
हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डाने कहा कि ये बजट नहीं, कोरी बयानबाजी है, जिसमें कुछ भी हकीकत नहीं है। भाजपा ने प्रदेश को 5.56 लाख करोड़ के कर्ज तले दबा दिया है। क्योंकि बजट के अनुसार आंतरिक ऋण 3,91,435 करोड़ रुपए है। छोटी बजट अनुमानित 50,000 करोड़ रुपए है, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम 68,995 करोड़ और अतिरिक्त देनदारियां 46,193 करोड़ हैं। यानी राज्य पर कुल ऋण 5,56,623 करोड़ रुपए पहुंच चुका है।
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश का कुल बजट दो लाख 23 हजार 658 करोड़ रुपए रखा गया है। जबकि कर्ज में जो प्रस्तावित बढ़ोतरी है वो 40 हजार करोड़ रुपए है। भाजपा सरकार पिछले ग्यारह वर्षों से प्रदेश के ऊपर लगातार भारी कर्ज बढ़ाती जा रही है।
शिक्षा और खेल को सबसे अधिक व पर्यावरण एवं वन को सबसे कम बजट। देखें किस विभाग को कितनी राशि आवंटित की गई है।
कृषि सेवाएं – 8319.77
महिला एवं बाल विकास – 2263.29
पर्यावरण एवं वन – 0741.55
विकास एवं पंचायत विभाग – 8703.74
सहकारिता – 1970.00
परिवहन एवं नागरिक उड्डयन – 4116.13
शिक्षा एवं खेल – 23603.69
नगर व ग्राम नियोजन, निकाय – 6797.57
युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता 01512.21
उद्योग एवं वाणिज्य – 1950.92
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा – 14007.28
सिंचाई एवं जल संसाधन – 6446.57
गृह, नागरिक सुरक्षा – 8475.01
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी – 5912.02
ऊर्जा – 6868.00
पीडब्ल्यूडी – 5893.66
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता – 17250.72
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन – 4024.28
