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20 फुट लंबी मादा अजगर ने न‍िगल ल‍िया कुत्‍ता, ऐसे बचाई गई जान

गांव के ही शख्स ने कहा, ''पहली बार हमने ऐसी घटना आंखों से देखी। रात में हमारे पालतू जानवर खेत और घरों के बाहर बंधे रहते हैं। अजगर इतना बड़ा था कि हम लोग खेतों में जाने के लिए भी डरे हुए हैं। वह हम में से किसी को भी निगल सकता है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- pixabay)

हरियाणा के पलवल जिले के गोरोटा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कुछ ग्रामीणों ने एक कुत्ते जोर से चिल्लाते सुना। गांव वालों ने उस ओर दौड़ लगा दी जहां से आवाज आ रही थी। पास जाकर देखा तो कलेजा जैसे मुंह को आ गया और पैरों की नीचे से जमीन खिसक गई। कुत्ता एक विशालकाय अजगर के जबड़े में था। गांववालों ने कुत्ते को अजगर के जबड़े से खींचने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। अजगर कुत्ते को निगल गया। बताया जा रहा है कि अजगर ने करीब 5 साल की उम्र के अवारा कुत्ते को निगला। बुधवार (5 सितंबर) को दिन के करीब 1 बजे घटी इस घटना की सूचना गांवों ने तुरंत पुलिस के दी। पुलिस ने वन विभाग को इत्तला की। इसके बाच रेस्क्यू ऑपरेशन चला। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को काबू किया जा सका। वन्यजीव अधिकारियों ने उसके मादा अजगर होने पर संदेह जताया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक अजगर को काबू कर पहले उसे निगरानी रखा गया और फिर वन्यजीव अधिकारियों की देखरेख में उसके प्राकृतिक स्थान पर उसे छोड़ दिया गया।

पुलिस से सूचना पाकर फरीदाबाद और गुरुग्राम की वन्यजीव टीम को मौके पर पहुंचने के लिए निर्देश दिया गया था। बचाव अभियान का नेतृत्व वन्यजीवों के लिए काम करने वाले एक शख्स अनिल गंडास और फरीदाबाद के वन्यजीव रक्षक ने किया। उन्होंने बताया कि इंडियन रॉक पायथन का पाचन तंत्र मजबूत होता है और वह एक कुत्ते या बकरी के आकार के जानवर को पचा सकता है। इस महीने में यह 15वां बचाव अभियान था। घटना के बाद से गांव वाले डरे-सहमे हैं और उन्हें इस बात की चिंता है कि उनके बच्चे खेत में ऐसे ही घूमते रहते हैं।

गांव के ही शख्स ने कहा, ”पहली बार हमने ऐसी घटना आंखों से देखी। रात में हमारे पालतू जानवर खेत और घरों के बाहर बंधे रहते हैं। अजगर इतना बड़ा था कि हम लोग खेतों में जाने के लिए भी डरे हुए हैं। वह हम में से किसी को भी निगल सकता है। पिछले वर्ष इलाके में अजगर ने तीन को अपना शिकार बनाया था। पिछले महीने गुरुग्राम से 13 विषखापरों (बड़े आकार की जंगली छिपकली) और 12 नागों के साथ 13 इंडियन रॉक पायथन का रेस्क्यू किया गया था।

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