Uttarakhand News: उत्तराखंड के हरिद्वार में एक शनिवार को एक खौफनाक घटना हुई। यहां अपनी एक दोस्त से मिलने के लिए उसके घर गए मुस्लिम शख्स पर 10 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया और महिला के दोस्त के साथ जमकर मारपीट की।
अपने घर पर हुई इस वारदात को लेकर महिला ने पुलिस के पास शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है। महिला का कहना है कि वह अपने दोस्त को 5 साल से जानती है और उसके आने पर भीड़ अचानक उनके घर पर पहुंची। उसे और उसके दोस्त पर हमला कर दिया।
अचानक घर में घुसी भीड़
महिला के मुताबिक, जब वे दोनों घर पर थे, तभी 10-12 अज्ञात लोग घुस गए और दोस्त की जमकर पिटाई कर दी। महिला ने कहा, “मैंने उन्हें उसे पीटने से रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी। उन्होंने हमें गालियां दीं, उसे बुरी तरह पीटा और जान से मारने की धमकी देकर चले गए।”
कुत्ते की रस्सी से बांधकर पीटा
बता दें कि शिकायत करने वाली महिला मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली है और लगभग एक दशक से हरिद्वार में रह रही है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पीड़ित को एक घर के सामने कुत्ते की रस्सी से बांधकर बैठाया गया है, जबकि आरोपी उससे पूछताछ कर रहा है।
इस घटना को लेकर महिला की बहन ने बताया कि शिकायतकर्ता का दोस्त हरियाणा के करनाल का रहने वाला है और हरिद्वार में काम करता था। कई बार उनकी मुलाकात भी हुई। उन्होंने कहा,
“शनिवार को कुछ लोगों ने दरवाजा खटखटाया और मेरी बहन ने दरवाजा खोला। वे जबरदस्ती अंदर घुस आए और उसे पीटने लगे। खून बहने के बाद भी वे नहीं रुके। उन्होंने मेरी बहन को गालियां दीं और उसे घर से बाहर निकालकर उसके गले में कुत्ते का पट्टा बांध दिया। घर में घुसकर किसी को कैसे मार सकते हैं?”
पुलिस ने कई धाराओं में दर्ज किया केस
इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें चोट पहुंचाने, दंगा करने, घर में जबरन घुसने, आपराधिक धमकी देने और शांति भंग के इरादे जानबूझकर अपमान करने के प्रावधान हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिस के आने और उसके दोस्त के लिए एम्बुलेंस बुलाने से पहले पीड़ितों को तीन घंटे तक अपमानित किया गया। उसने पूछा, “अगर उसकी मौत हो जाती, तो कौन जिम्मेदार होता? उसे कुत्ते की तरह पीटा गया था।”
पुलिस ने बताया है कि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। शहर के सर्किल अधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि हम आरोपियों की पहचान करने और आगे की कार्रवाई करने के लिए फुटेज जुटा रहे हैं।
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संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ। इसके पहले दिन ही संसद के गेट बंद कर दिए गए। ऐसा इस वजह से क्योंकि प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी भीड़ नीट यूजी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च कर रही है। सोशल मीडिया पर दिख रहे वीडियो में सुरक्षा अधिकारी गेट बंद करते और संसद परिसर में अपनी जगह लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…
