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IRCTC: भारतीय रेल की थाली का मूल्य 50 रुपए, वसूले जा रहे 100 रुपये

IRCTC Food Meal Order, Rate Chart, Menu, Payment Online: हमसफर एक्सप्रेस में जिसने भी भोजन मंगाया, उसे 50 रुपए का भोजन-पानी 115 रुपए में बेचने का गोरखधंधा खुले आम चलता है। यात्रियों ने जब आइआरसीटीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार थाली देने की बात कर विरोध दर्ज किया, तब कहा गया ‘हमको आइआरसीटीसी के बारे में कोई जानकारी नहीं।

Author November 7, 2018 11:38 AM
आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर भोजन की एक थाली की कीमत 50 रुपए दर्ज है लेकिन वसूले जाते हैं 100 रुपए।

सुमन केशव सिंह

दिल्ली से उत्तर प्रदेश के शहर गोरखपुर जाने के लिए हमसफर (संख्या 12572) एक्सप्रेस अच्छी ट्रेन है। ट्रेन में खाना और साफ-सफाई तो काबिले तारीफ है लेकिन यदि आपने ट्रेन में खाना मंगवाया तो समझो आप ठगे गए। वातानुकूलित इस ट्रेन में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था आउटसोर्स (ठेके) की है। आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर भोजन की एक थाली की कीमत 50 रुपए दर्ज है लेकिन वसूले जाते हैं 100 रुपए। थाली में 42 रुपए का मटर पनीर या शाही पनीर ऑप्शनल (वैकल्पिक) है लेकिन इसकी जानकारी यात्रियों को दिए बिना ही 100 रुपए में एक थाली दी जाती है। यहां लोगों से 8 रुपए तो बिल्कुल मुफ्त के वसूले जा रहे हैं।

इतना ही नहीं 50 रुपए की थाली में 4 की जगह 3 रोटी या दो पराठे दिए जाते हैं। पानी के गिलास की कीमत थाली की कीमत में शामिल है लेकिन नहीं दिया जाता। यात्री पानी का गिलास न मांगे तो पानी के पैसे ठेकेदार की जेब में स्वत: चले जाते हैं। पानी के गिलास का मूल्य 4 रुपए है। 14 अक्तूबर 2018 को बी-वन बोगी में यात्रा करने वाले एसके जाफरी ने बताया कि उन्हें भोजन की थाली के साथ पानी का गिलास नहीं दिया गया। इसलिए उन्हें अलग से 15 रुपए की पानी की बोतल खरीदी, जो तुरंत उपलब्ध कराई गई। उन्हें यह खाना 115 रुपए का पड़ा, जबकि यह सब केवल 50 रुपए में हो सकता था। यहां हर थाली पर 65 रुपए की लूट है।

हमसफर एक्सप्रेस में जिसने भी भोजन मंगाया, उसे 50 रुपए का भोजन-पानी 115 रुपए में बेचने का गोरखधंधा खुले आम चलता है। एसके जाफरी, अभिषेक राय और एसके सिंह जैसे यात्रियों ने जब आइआरसीटीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार थाली देने की बात कर विरोध दर्ज किया, तब कहा गया ‘हमको आइआरसीटीसी के बारे में कोई जानकारी नहीं। जो हमें जो देने के लिए कहा जाता है, वह यही है।’ एक दूसरे वेंडर ने इसमें सुर मिलाते हुए कहा, ‘जो मिलता है, वही देंगे ना’।

घंटों आनाकानी के बाद जो बिल अगले दिन उपलब्ध कराया गया। उसमें 8 रुपए का पराठा अतिरिक्त था जो किसी को दिया ही नहीं गया था, यह बिल को सौ रुपए दिखाने के लिए अलग से जोड़ा गया था। आइआरसीटीसी के मेन्यू के अनुसार 4 रोटियां दी जानी थीं लेकिन पूछने पर कि तीन क्यों दी जा गर्इं, तो कहा गया कि आपकी थाली में गलती से तीन रोटियां चली गई होंगी। लेकिन संयोगवश, यह गलती सभी यात्रियों की थाली में थी। दरअसल, यह गलती नहीं, बल्कि हर यात्री से एक रोटी की सुनियोजित लूट थी। अभिषेक राय नाम के यात्री ने इसकी शिकायत ट्विटर के जरिए भी की। लेकिन यहां शिकायत के लिए ई-मेल उपलब्ध कराया गया था, उस पर मेल भेजे जाने पर ऑटो जनरेटेड मेल के जरिए ‘एड्रेस नॉट फाउंड’ संदेश वापस आया।

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