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ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने का दावा करने वाले सोहन लाल की मुस्लिम पक्ष को चुनौती, अगर वो फव्वारा है तो उसे शुरू करके दिखा दो

हिंदू पक्षकार के मुताबिक, “हमारा मानना है कि यह विशाल शिवलिंग नीचे तक आया हुआ है और नीचे मां पार्वती का अर्घ्या है।” वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा हो गया है और अब रिपोर्ट का इंतजार है।

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सोहन लाल का दावा शिवलिंग अगर फव्वारा है तो चालू करके दिखाओ। ( एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः रेणुका पुरी)

ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में शिवलिंग मिलने का दावा करने वाले सोहन लाल ने कहा कि मस्जिद में शिवलिंग मिलने के बाद हर-हर महादेव के जयकारे लगे। अगर मुस्लिम पक्ष उसे फव्वारा कह रहा है तो उसे शुरू करके दिखाए।

हिंदू और मुस्लिम पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच लाल ने एक हिंदी चैनल से बातचीत के दौरान मंगलवार को बताया, “वजूखाने का 25/25 का जो वर्गाकार स्थान था, उसमें कुएं के बीच में गोल सा परिसर है। उसको मुस्लिम पक्ष फव्वारा कहता है। इसके जवाब में हमने कहा कि अगर यह फव्वारा है तो इसको शुरू करिए। इसके जवाब में मुस्लिम पक्ष ने कहा कि ये फव्वारा 50 साल से खराब है। उन्होंने कहा कि जब हमने शिवलिंग देखा, तो सभी लोग यहां तक कि कर्मचारी हर-हर महादेव के नारे लगाने लगे। कुछ लोग नृत्य की मुद्रा में आ गए, जो हिंदू पक्ष और मंदिर समर्थक थे।”

सर्वे टीम के सदस्य सोहनलाल के मुताबिक, रविवार शाम हम लोगों ने ज्ञानवापी इंतजामिया कमेटी को प्रस्ताव दिया कि वजूखाना के पानी को आप लोगों को खाली करना पड़ेगा, तो वो लोग खाली करने से मना करने लगे। इस पर मैंने उनसे कहा कि इसको तो खाली करना ही पड़ेगा। इसके बाद प्रशासन ने वजूखाने के पानी को खाली कराया, जिसमें रंगीन मछलियां भी थीं। एक फुट पानी वजूखाने से खाली होते ही वहां शिवलिंग उभर कर आ गया। इसके बाद विशेषज्ञों को बुलाया गया। सफाई कराई गयी, जिसके बाद काला शिवलिंग एक ही पत्थर का बना हुआ सामने आया। इसके बाद विशेषज्ञों ने कहा कि यह शिवलिंग ही है।

उन्होंने आगे बताया, “हम लोगों को पूरा भरोसा है कि यह विशाल शिवलिंग नीचे तक आया हुआ है और नीचे मां पार्वती का अर्घ्या है। अगली बार हम इसकी जांच की मांग करेंगे, जो ध्वंस श्रंगार गौरी मां की ओर है। उसकी अगर खुदाई हो तो वहां शिलाखंड और देवी-देवताओं की प्रतिमा मिलेंगी। मुस्लिम पक्ष का जो तहखाना था, उसमें शिलालेख लिखा हुआ था। उसमें देवी-देवताओं की प्रतिमा बनी हुई थीं। उन्होंने कहा कि जहां नमाज अदा करते हैं वहां घंटियों की कतारें, कमल पुष्प आज भी वैसे ही हैं, वो सभी मंदिर के स्तंभ हैं, जो लगाकर मस्जिद बनाई गयी। उन्होंने कहा कि ये हिंदू समाज की आन-बान-शान को ध्वस्त करने के लिए मस्जिद बनाई गयी। उन्होंने जो ढांचा ऊपर लगाया गया है, इसकी कोई नींव नहीं है।

आर्य ने कहा- सर्वे से पहले मस्जिद में पुताई का काम कराया गया था और तहखाने में इतनी मिट्टी कैसे मिली? हमें लगता है कि पुराने अवशेषों को गड्ढा खोदकर उसमें छिपाया गया है, जिसकी जांच कमीशन करने की मांग हम करेंगे।

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