गुरुग्राम में सोमवार को हुई करीब 2 घंटे की बारिश ने लोगों के लिए आफत खड़ी कर दी है। जगह-जगह जलभराव से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा के सबसे अमीर शहर गुरुग्राम के सबसे महंगे इलाके में भी हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। गुरुग्राम के फेमस गोल्फ कोर्स रोड पर भी घुटनों से ऊपर पानी भर गया है। हैरानी वाली बात यह है कि इस इलाके में अपार्टमेंट 85 करोड़ तक के बिकते हैं।
शहर का सबसे अमीर इलाका भी जलभराव से बच नहीं पाया। गोल्फ कोर्स रोड पर एक स्क्वेयर फुट की कीमत 85,000 रुपये से अधिक हो सकती है, लेकिन यहां की हालत किसी मोहल्ले जैसी है। यह इलाका भी सोमवार की बारिश के बाद बाढ़ से बच नहीं पाया।
गोल्फ कोर्स का ड्रेनेज सिस्टम फिर उजागर हुआ
सोमवार की बारिश के बाद गोल्फ कोर्स में घुटनों तक पानी और कीचड़ जमा होने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। खास तौर पर DLF मैगनोलियाज के बाहर का इलाका बुरी तरह प्रभावित दिखा। गोल्फ कोर्स रोड को गुरुग्राम की ‘बिलियनेयर्स रो’ भी कहा जाता है। DLF गोल्फ कोर्स और रैपिड मेट्रो वायडक्ट के बीच फैला यह कॉरिडोर शहर के सबसे महंगे और तेजी से विकसित हुए इलाकों में से एक है, लेकिन भारी बारिश ने इस चमकदार रियल एस्टेट कॉरिडोर की सबसे बड़ी कमजोरी—ड्रेनेज सिस्टम—को एक बार फिर उजागर कर दिया।
कल की बारिश झेल नहीं पाया गुरुग्राम का ड्रेनेज सिस्टम
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में सोमवार शाम 5 बजे तक करीब 75 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें करीब तीन घंटे के दौरान हुई 52 मिमी की तेज बारिश शामिल थी। कम समय में इतनी अधिक बारिश ने शहर के मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया और कई इलाकों में पानी जमा हो गया। गुड़गांव मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) के अधिकारियों के मुताबिक, शहर का मूल ड्रेनेज सिस्टम एक घंटे में केवल 2.5 मिमी बारिश संभालने के हिसाब से डिजाइन किया गया था। बाद में इसे अपग्रेड कर करीब 6.5 से 7 मिमी प्रति घंटे की बारिश संभालने लायक बनाया गया।
सबसे अमीर इलाके में क्यों जमा हुआ पानी?
गोल्फ कोर्स रोड पर जलभराव की समस्या सिर्फ बारिश के पानी से जुड़ी नहीं है। यहां एक बड़ी समस्या डाउनस्ट्रीम बैक-प्रेशर की भी है। DLF के बड़े रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स के भीतर बारिश के पानी को निकालने के लिए अलग ड्रेनेज नेटवर्क मौजूद है। यह पानी आगे GMDA के मुख्य नालों में जाता है, लेकिन जब बाहरी नाले पहले से पूरी क्षमता पर चल रहे हों या उनमें पानी का प्रवाह बाधित हो, तो कॉलोनी के अंदर का पानी भी आसानी से बाहर नहीं निकल पाता। इससे पानी की निकासी धीमी हो जाती है और जलभराव बढ़ने लगता है।
अरावली का पानी भी आता है गोल्फ कोर्स तक
गोल्फ कोर्स रोड के इलाके में अरावली हिल्स का पानी भी वहां तक पहुंचता है। इस इलाके की भौगोलिक स्थिति भी जलभराव की समस्या को बढ़ाती है। यह इलाका अरावली पहाड़ियों के नीचे स्थित है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ियों से बहकर आने वाला पानी नीचे की ओर गोल्फ कोर्स रोड की तरफ पहुंचता है।
GMDA के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अमित गोदारा के मुताबिक, अरावली से आने वाले रनऑफ के लिए कोई दूसरा प्राकृतिक बाईपास चैनल नहीं है। ऐसे में बड़ी मात्रा में पानी मास्टर ड्रेन तक पहुंचने से पहले सड़क पर जमा हो जाता है। भारी बारिश के दौरान यह अतिरिक्त पानी पहले से दबाव में चल रहे ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता को और कम कर देता है।
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गुरुग्राम में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण सुभाष चौक और रेल विहार के पास समेत कई सड़कें जलमग्न हो जाने से करीब एक दर्जन स्कूल बसें घंटों तक फंसी रहीं। यूनिवर्ल्ड गार्डन्स सोसायटी के निवासी और एक बैंक में कार्यरत 39 वर्षीय सिद्धार्थ कासिद कमर तक गहरे पानी में होते हुए हाईवे पर ठहरीं बसों के पास पहुंचे और अपनी 5 वर्षीय बेटी और अन्य बच्चों को सुरक्षित वापस लाए। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को अपनी आपबीती सुनाई। यहां पढ़ें पूरी खबर…
