गुरुग्राम में लगातार हो रहे जल भराव के चलते नगर निगम कमिश्नर का ट्रांसफर कर दिया गया है। हरियाणा सरकार ने नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया का ट्रांसफर कर उन्हें रोहतक भेज दिया है। हालांकि, सरकार की ओर से तबादले के संबंध में विस्तृत कारणों का आधिकारिक तौर पर उल्लेख नहीं किया गया है।

सरकार ने अभी तक यह आदेश जारी नहीं किया है कि अगला एमसीजी आयुक्त कौन होगा। हरियाणा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत शनिवार तक एक नया आदेश जारी होने की उम्मीद है जिसमें राज्य भर में कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां शामिल हो सकती हैं। अधिकारियों ने इस तबादले को एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया और कहा कि दहिया ने लगभग 15 महीने का कार्यकाल पूरा कर लिया है जो एमसीजी आयुक्त के रूप में उनके पूर्ववर्तियों के कार्यकाल के लगभग बराबर है।

प्रदीप दहिया को रोहतक का उपायुक्त नियुक्त किया गया

प्रदीप दहिया को रोहतक का उपायुक्त नियुक्त किया गया है। वे सचिन गुप्ता की जगह लेंगे, जिनका तबादला अंबाला के उपायुक्त के रूप में कर दिया गया है। दहिया ने 5 मई 2025 को एमसीजी आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे झज्जर, कैथल, नूह और हिसार जिलों के डीसी के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे पंचकुला में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के प्रशासक (मुख्यालय) भी रह चुके हैं और शहरी संपदा विभाग में अतिरिक्त निदेशक के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

कौन हैं आईएएस प्रदीप दहिया?

प्रदीप दहिया का जन्म 1 नवंबर, 1984 को हुआ था। उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री प्राप्त की है। वह हरियाणा कैडर के 2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। हाल ही में उन्होंने गुरुग्राम नगर निगम (MCG) के आयुक्त और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के सीईओ के रूप में कार्य किया। इससे पहले वे एडीसी सह सीईओ, उप मंडल अधिकारी और सहायक सचिव सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं।

गुरुग्राम में बारिश के दौरान जलभराव

गुरुग्राम में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। गुरुग्राम में हो रही भारी बारिश के चलते शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है। बारिश के बाद जलभराव से आम लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। गुरुवार (06 अगस्त) को सुबह से शुरू हुई लगातार बारिश से कई मुख्य सड़कों, अंडरपास और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

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हिमाचल प्रदेश में व्यास नदी का उफान, 2013 की केदारनाथ त्रासदी, 2023 में सिक्किम की ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF), असम में कई दशकों में आई विनाशकारी बाढ़ या फिर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में कुछ घंटों की बारिश के बाद सड़कों का दरिया बन जाना- पिछले कुछ सालों में भारत में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें