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रोहतक जेल में जज पढ़ रहे थे फैसला, पुलिस रोड पर बिछा रही थी कीलें, सेना ने संभाल रखा था मोर्चा

Baba Ram Rahim Singh Case: सीबीआई कोर्ट ने साध्वी रेप केस में बाबा राम रहीम को 10 साल जेल की सजा सुनाई है।
सेना ने जेल परिसर के बाहर मोर्चा संभाल रखा था।

बलात्कारी बाबा राम रहीम की सजा पर रोहतक के सुनेरिया जेल में दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद जज फैसला पढ़ रहे थे और बाहर सुरक्षाकर्मी कोर्ट के बाहर सड़क पर कीलें बिछा रहे थे। जेल के बाहर घुड़सावर पुलिस भी तैनात की गई थी। ताकि किसी तरह की आपात स्थिति से निपटा जा सके और जेल के अंदर किसी भी तरह किसी उपद्रवी को पहुंचने से रोका जा सके। इतना ही नहीं जेल के बाहर सेना के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए अस्थाई बैरक भी बना रखे थे।

सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को पंचकुला में साध्वी रेप मामले में फैसला सुनाते हुए बाबा राम रहीम को दोषी करार दिया था। हालांकि, सजा के एलान के लिए सोमवार का दिन मुकर्रर किया गया था। फैसला सुनाने के बाद बाबा राम रहीम को हेलीकॉप्टर के जरिए रोहतक जेल लाया गया था। रोहतक जेल में ही बाबा राम रहीम को रखा गया था। सोमवार को जेल में अस्थाई कोर्ट बनाई गई और सीबीआई जज ने जेल में ही सजा का एलान किया।

दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद सीबीआई जज जगदीप सिंह ने बाबा राम रहीम को 20 साल जेल की सजा सुनाई है। यह सजा दो अलग-अलग रेप मामले में सुनाई गई है। इसके अलावा बाबा राम रहीम पर 30 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। जिरह के दौरान सीबीआई ने जहां अधिकत्तम सजा की मांग की थी, वहीं बाबा राम रहीम ने समाजसेवा का हवाला देकर रहम करने की अपील की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक सजा सुनाने के बाद बाबा राम रहीम कोर्ट में ही कुर्सी पकड़कर रोने लगे।

शुक्रवार को बाबा राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद उनके समर्थक पूरे हरियाणा में हिंसा पर उतर आए थे। पंचकुला में उनके समर्थकों ने पुलिस और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसा में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पंचकुला के अलावा हरियाणा के अन्य क्षेत्रों, दिल्ली, नोएडा और उत्तर प्रदेश के कई और हिस्सों में हिंसा की थी।

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