गुरुग्राम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (MCG) अब तकनीक के जरिए लोगों से बकाया वसूली करेगा। अगर आप गुरुग्राम में रहते हैं, तो जल्द ही आपको शहर के नगर निगम की तरफ से एक फ़ोन कॉल आ सकता है। फोन करने वाली एक महिला होगी या फिर एक ऐसी आवाज जो किसी महिला जैसी लगेगी, वह बात करेगी। बातचीत की शुरुआत में कॉलर कहेगी, “नमस्ते, मैं नगर निगम से बात कर रही हूं।” आपसे आपका नाम पूछा जाएगा और फिर कॉलर आपको बताएगी कि आपके कौन-कौन से सिविक ड्यूज़ (बकाया) पेंडिंग हैं।

AI चैटबॉट से किया जाएगा कॉल

आखिर में आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपको सिविक सुविधाओं के लिए पेमेंट करने में कोई दिक्कत आ रही है। अगर आपको यह सोचकर हैरानी हो कि क्या सिविक अधिकारियों ने गुरुग्राम के निवासियों से संपर्क करने के लिए नए कर्मचारियों का एक ग्रुप हायर किया है, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। असल में यह आवाज किसी इंसान की नहीं है, बल्कि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाला चैटबॉट है।

गुरुग्राम नगर निगम (MCG) एक AI-पावर्ड वाॅयस को तैनात करने की तैयारी कर रहा है, जो निवासियों को उनके बकाया पानी और प्रॉपर्टी बिलों के साथ-साथ कई दूसरे मुद्दों, जैसे कि पुराने रिकॉर्ड्स के बारे में कॉल करेगी। इन कॉल्स के बाद निवासियों को WhatsApp मैसेज भेजे जाएंगे, जिनमें ऑफिशियल लिंक्स भी होंगे और उनसे अपनी डिटेल्स अपडेट करने या बकाया चुकाने का आग्रह किया जाएगा।

लॉन्च होंगे चार चैटबॉट

MCG के एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम आने वाले हफ़्तों और महीनों में चार चैटबॉट लॉन्च करेंगे, जिनकी शुरुआत प्रॉपर्टी और पानी के बिलों के लिए खास तौर पर बनाए गए चैटबॉट से होगी, साथ ही सफाई सेवाओं और स्ट्रीट वेंडर्स से जुड़े चैटबॉट भी होंगे।” एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने बताया कि शहर में लगभग 1.9 लाख पानी के कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 70,000 कनेक्शन उपभोक्ता की प्रॉपर्टी ID से लिंक नहीं हैं। यह हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के साथ हाउसिंग प्लॉट्स का जियो-टैग्ड रजिस्ट्रेशन होता है।

एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने कहा कि कई मामलों में घर के पते और फ़ोन नंबर गलत होते हैं, जबकि कुछ कनेक्शन अभी भी पुराने मालिकों के नाम पर ही हैं, भले ही संपत्ति के मालिक बदल चुके हों। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड्स को ठीक करना जरूरी है, क्योंकि इन डिटेल्स के बिना नए पानी के कनेक्शन के आवेदनों पर आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

लोगों को सिस्टम से जोड़ना चुनौती- एडिशनल कमिश्नर

एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने कहा, “असली चुनौती सिर्फ़ रेवेन्यू इकट्ठा करना नहीं है। असली चुनौती तो लोगों को सबसे पहले सिस्टम से जोड़ना है। भले ही सिविक बॉडी के पास रेवेन्यू के लक्ष्य हैं, लेकिन उसे यह नहीं पता कि कितने लोग पेमेंट करेंगे और कब करेंगे। चैटबॉट द्वारा कॉल करके इकट्ठा किया गया डेटा MCG को ऐसी समस्याओं को सुलझाने में मदद करेगा।”

एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने कहा कि MCG को ग्राहकों की भावनाओं को समझना होगा। उन्होंने कहा, “अगर कोई ग्राहक कहता है कि उसका कनेक्शन रजिस्टर्ड नहीं है या उसमें गलत जानकारी है, तो बॉट उसे ठीक करवाने में मदद करेगा। साथ ही पेमेंट से जुड़ी शिकायतों को रिकॉर्ड और एनालाइज किया जाएगा, क्योंकि हमें भावनाओं को समझना है। इंसानी दखल बाद में होगा।”

Truecaller से की गई बात

अब सवाल है कि MCG यह कैसे पक्का करेगा कि ग्राहक सच में ये कॉल उठाएं, जबकि कई चैटबॉट नंबर लोगों के फ़ोन में स्पैम के तौर पर दिखाए जाते हैं? इसके जवाब में एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने कहा, “हमने Truecaller से बात की है ताकि चैटबॉट नंबरों को व्हाइटलिस्ट करवाया जा सके और उन पर ऑफिशियल टिक मार्क आ सकें। WhatsApp मैसेज के मामले में भी ऐसा ही किया जाएगा। हम टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि यह पक्का हो सके कि जब चैटबॉट कॉल करे, तो MCG की ब्रांडिंग के साथ एक हरा टिक दिखाई दे, भले ही यूज़र्स ने DND (Do Not Disturb) मोड चालू कर रखा हो।”

कैमरों की भी होगी व्यवस्था

नगर निगम AI-पावर्ड Pan-Tilt-Zoom (PTZ) कैमरों पर विचार कर रहा है जो पानी की पाइपलाइनों के अंदर जाकर दरारें, गैर-कानूनी टैपिंग, गाद जमने और यहां तक कि सिस्टम में घुस रही पेड़ों की जड़ों का पता लगा सकते हैं। एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने कहा कि ये कैमरे AI-आधारित रिपोर्ट तैयार करेंगे, खासकर उन बिना योजना वाली कॉलोनियों में जहां पानी के कनेक्शन मीटर वाले नहीं हैं।

अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम का यह कदम बिना मीटर वाले पानी के कनेक्शनों के खिलाफ हाल ही में शुरू की गई सख्ती के अनुरूप है। 16 मार्च को एडिशनल कमिश्नर यश जलुका ने शहर के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया, जिसमें सेक्टर 10 का कादीपुर गांव भी शामिल था, जहां उन्होंने बिना मीटर वाले कनेक्शनों की जांच की। उन्होंने कहा, “अगर किसी के पास कई चेतावनियों और चालानों के बावजूद पानी का वैध कनेक्शन नहीं है, तो हम बिना किसी झिझक के उनका पानी का कनेक्शन काट देंगे।”

17 मार्च को बसाई में दो मिठाई की दुकानों के पानी के कनेक्शन काट दिए गए, जब निरीक्षकों को पता चला कि वे बिना अनुमति के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। दूसरे इलाकों में निवासियों को चेतावनी दी गई कि बार-बार नियम तोड़ने पर चालान या कनेक्शन काटे जा सकते हैं। MCG कमिश्नर प्रदीप दहिया ने निवासियों से अपील की है कि वे पानी के कनेक्शनों के गलत इस्तेमाल को रोकने में सक्रिय रूप से मदद करें। उन्होंने हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 180 का भी हवाला दिया है, जिसके तहत हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इस तरह के गलत इस्तेमाल की जानकारी अधिकारियों को दे।

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