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गुड़गांव: मस्जिद से नमाज पढ़कर लौट रहे शख्स से बदसलूकी, टोपी गिराई, जबरन लगवाए ‘जय श्री राम’ के नारे

आलम के मुताबिक जब वह श्याम स्वीट्स की दुकान के पास पहुंचा तो वहां बाइक पर चार लोग थे और दो लोग उनके साथ खड़े थे। इस दौरान उसके साथ उन दो लोगों ने बदतमीजी की और कहा कि वह सिर पर यह टोपी इस इलाके में नहीं पहन सकता है।

Author May 27, 2019 8:14 AM
आलम का कहना है कि जब वह वहां खड़े लोगों से मदद की गुहार लगाने लगा तो इन लोगों ने उससे नारे लगाने को कहा।(Photo- Indian Express)

गुड़गांव में 25 वर्षीय शख्स मोहम्मद बरकत आलम के साथ बदसलूकी का मामाल सामने आया है। बरकत के साथ अनजान लोगों ने मारपीट की और उसके सिर से टोपी भी उतारकर फेंक दी। आलम 20 दिन पहले ही बिहार से गुड़गांव आया था। दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक शनिवार को रात 10 .15 पर सदर बाजार मस्जिद में नामाज पढ़कर जकोबपुरा में अपने किराए के कमरे पर वापस लौट रहा था। आलम के मुताबिक जब वह श्याम स्वीट्स की दुकान के पास पहुंचा तो वहां बाइक पर चार लोग थे और दो लोग उनके साथ खड़े थे। इस दौरान उसके साथ उन दो लोगों ने बदतमीजी की और कहा कि वह सिर पर यह टोपी इस इलाके में नहीं पहन सकता है। आलम के मुताबिक बाइक पर सवार इन लोगों ने कुछ नहीं कहा लेकिन उनके साथ खड़े उन दोनों ने शराब पी रखी थी और उसे जान से मारने की धमकी भी दी।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान आलम ने बताया कि उन्होंने मुझसे पहले टोपी उतारने के लिए कहा जब मैंने कारण पूछा तो वह लोग और आक्रामक हो गए और पूछा कि यह कुर्ता तुमने क्यों पहना है इसे भी उतारो। जब मैंने ऐसा नहीं किया तो उन्होंने मेरी टोपी फेंकी दी और मुझे गाली देने लगे। आलम का कहना है कि उसने आसपास के लोगों से मदद मांगी पर कोई आगे नहीं आया। इसके बाद बदसलूकी कर रहे शख्स ने आलम से कहा कि किससे मदद मांग रहे हो ये लोग भी मेरे दोस्त हैं। अगर तुम हमारी बात से इंकार करोगे तो हम तुमसे जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगवाएंगे। आलम का कहना है कि जब वह वहां खड़े लोगों से मदद की गुहार लगाने लगा तो इन लोगों ने उससे नारे लगाने को कहा। इस पर जब आलम ने पूछा कि मुझे ये नारे क्यों लगाने चाहिए। इस पर उस शख्स ने पास से पड़ा एक डंडा उठाया और उसे पीटने लगा। आलम का कहना है कि इसके बाद उन्होंने उसका कुर्त भी फाड़ दिया। जब वह चिल्लाने लगा तो वो लोग वहां से भाग गए।

दर्ज कराई गई शिकायत में नारे लगवाने की बात का जिक्र ना होने को लेकर किए गए सवाल पर आलम का कहना है कि घटना के बाद मैंने अपने भाई को बुलाया वह मुझे सेक्टर 10 के सिविल अस्पताल ले गया। मैंने पुलिस को पूरा वाक्या सुना दिया अब मुझे नहीं पता कि उन्होंने शिकायत में क्या लिखा क्या नहीं लिखा। मैं बहुत डरा हुआ था इसलिए यह पूछा भी नहीं।

गुड़गांव सिटी पुलिस स्टेशन के एसएचओ भारतेंद्र कुमार ने शिकायत को लेकर आलम के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि एफआईआर में उस शख्स की शिकायत की सभी बातें शामिल है , हमने कोई भी तथ्य नहीं छोड़ा है उसने जो भी बताया सब लिखा गया है। शिकायत में धारा 153 ए((धर्म, मूलवंश, भाषा, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, इत्यादि के आधारों पर नफरत फैलाने की कोशिश) भी लगाई गई है। इसेक अलावा आईपीसी की धारा 153, 149, 323 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

आलम ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे 3.30 तक जेल में बिठाए रखा और रविवार को 10 बजे वापस आने को कहा उसके सामने कुछ लोगों को पेश करेगी और उनकी पहचान कराएगी। लेकिन अगले दिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, मैं वहां एक बजे तक बैठा रहा। मुस्लिम एकता मंच के नेता के आने पर पुलिस ने मुझे जाने दिया। मुस्लिम एकता मंच के नेता हाजी शहजाद खान का कहना है कि पुलिस ने उसका मानसिक उत्पीड़न किया।

एसीपी सिटी राजीव कुमार ने आलम के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने शिकायत में तथ्यों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है। हमने घटान का सीसीटीवी फुटेज देखा है जिसमें दो लोग पहले बातचीत करते हैं और फिर मारपीट करने लगते हैं। एक मिनट से भी कम समय यह सबकुछ हो जाता है। आरोपी संभवतः स्थानीय निवासी है, फुटेज में उसकी तस्वीर साफ नहीं है लेकिन हम उसकी पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। 6 मई को गुड़गांव आया बरकत आलम सहमा हुआ है और वह अब वापस बेगुसराय लौटने की सोच रहा है।

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