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गुजरात हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणीः भाड़े के हत्यारों से ज्यादा खतरनाक हैं भ्रष्ट नेता और अफसर

गुजरात हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में तीखी टिप्पणी की है। भ्रष्ट नेताओं और अफसरों को भाड़े के हत्यारों से ज्यादा खतरनाक करार दिया है।

गुजरात हाई कोर्ट का भवन।

गुजरात हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में तीखी टिप्पणी की है। भ्रष्ट नेताओं और अफसरों को भाड़े के हत्यारों से ज्यादा खतरनाक करार दिया है।कोर्ट ने एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तल्ख टिप्पणी की। घूसखोरी के आरोपी अहमदाबाद नगरपालिका के पूर्व अधीक्षक आरसी शाह के मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पार्डीवाला ने कहा कि भ्रष्ट नेताओं और नौकरशाहों के कारण देश में आर्थिक अशांति फैल रही है।

उन्होंने घूसखोरी के मामले में सस्पेंड आरसी शाह की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अगर कोई विकासशील देश भाड़े के हत्यारों की तुलना में कहीं ज्यादा किसी से खतरा महसूस करता है तो यह सरकारी और राजनीतिक व्यवस्था में गहरे भ्रष्टाचार को प्रदर्शित करता है।डॉ.आरसी शाह अहमदाबाद नगर पालिका के अध्यक्ष होने के साथ एलजी हास्पिटल के मुखिया भी थे, जब घूस लेते पकड़े जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।एलजी हास्पिटल का संचालन अहमदाबाद म्यूनिसिपल कारपोरेशन के जिम्मे था। न्यायमूर्ति परदीवाला ने गिरफ्तारी से पूर्व की जमानत को सख्त से सख्त बनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में अग्रिम जमानत को दुर्लभ से दुर्लभ मामलों में ही देना चाहिए।उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त समाज सुनिश्चित करने के लिए आरोपियों की स्वतंत्रता से अदालतों को इन्कार करने से संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी से सिर्फ समाज ही नहीं बल्कि देश के विकास को भी खतरा होता है, इस नाते उसे अग्रिम जमानत की सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए।जस्टिस पार्डीवाला ने कहा कि कानून व्यक्ति के साथ समाज के अधिकारों की भी रक्षा करता है।अपराधियों के अधिकारों की रक्षा में व्यक्ति और समाज के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए।

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