ताज़ा खबर
 

गुजरात: ठाकोर समुदाय का फरमान, दूसरे समुदाय में शादी पर लाखों का जुर्माना, अविवाहित लड़कियां नहीं इस्तेमाल करेंगी मोबाइल फोन

14 जुलाई को 12 गांवों के करीब 800 ठाकोर नेता जीगल गांव में इकट्ठा हुए थे। इनमें समुदाय के नेता, मोहल्ला प्रतिनिधियों से लेकर युवा तक शामिल थे। इस बैठक में एक 9 बिंदुओं वाला प्रस्ताव पास किया गया और आदेश दिया गया कि सभी उसका पालन करें।

Author अहमदाबाद | July 17, 2019 8:01 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

गुजरात के बनासकांठा जिले के दंतेवाड़ा तालुका के 12 गांवों में ठाकोर समुदाय ने एक प्रस्ताव पास किया है। इसके जरिए अंतरजातीय शादियों और अविवाहित लड़कियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। समुदाय ने यह फैसला ऐसे वक्त में किया है, जब जिले में अंतरजातीय शादियों के कई मामले सामने आ चुके हैं।

प्रस्ताव में उन परिवारों पर जुर्माना लगाने की मंजूरी दी गई है, जिनके यहां अंतरजातीय शादियां हुई हैं। इसके मुताबिक, अगर किसी ठाकोर लड़की की शादी दूसरे समुदाय में होती है तो परिवार को 1.5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं, अगर ठाकोर लड़के की शादी समुदाय के बाहर होती है तो उसके घरवालों को 2 लाख रुपये देने होंगे।

बता दें कि 14 जुलाई को 12 गांवों के करीब 800 ठाकोर नेता जीगल गांव में इकट्ठा हुए थे। इनमें समुदाय के नेता, मोहल्ला प्रतिनिधियों से लेकर युवा तक शामिल थे। इस बैठक में एक 9 बिंदुओं वाला प्रस्ताव पास किया गया और आदेश दिया गया कि सभी उसका पालन करें। जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसे समुदाय की ओर से सजा देने की बात कही गई है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि अविवाहित लड़कियों को मोबाइल फोन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होगी। अगर लड़कियों के पास मोबाइल फोन मिलेंगे तो उसके लिए उसके घरवाले जिम्मेदार होंगे। वाव क्षेत्र से कांग्रेस विधायक गेनीबेन नागाजी ने कहा कि वह अंतरजातीय शादियों और लड़कियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर बैन को समर्थन देती हैं। गेनीबेन खुद ठाकोर समुदाय से ताल्लुक रखती हैं।

गेनीबेन ने कहा कि इन बंदिशों से दूसरे समुदाय में शादियों की ‘घटनाएं’ रुकेंगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे हर रोज ऐसे अभिभावक मदद के लिए कॉल करते हैं जिनकी लड़कियां दूसरे लड़के के साथ भाग गई हैं। इसके अलावा, बीते एक महीने में करीब 10 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें युवा लड़के और लड़कियों ने नहर में कूदकर जान दे दी।’

इस तरह के प्रतिबंध को कैसे सही ठहराया जा सकता है, इस सवाल के जवाब में विधायक ने कहा, ‘इससे लड़के अपने आप काबू में रहेंगे। लड़कियां आसानी में काबू में रहती हैं क्योंकि वे घरवालों के साथ रहती हैं। (लड़कियों के लिए) मोबाइल के इस्तेमाल पर बैन सही है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories