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सुप्रीम कोर्ट बोला- गुजरात में कोरोना से हालात बेक़ाबू, हमें बताए क्या कर रही सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के मामलों में वृद्धि पर सख्ती दिखाते हुए दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात समेत राज्यों और केंद्र से दो दिनों में जवाब मांगा है। कोर्ट ने गुजरात सरकार से कहा कि बताया जाए वह क्या कर रही है।

covid, corona, supreme courtकोरोना वायरस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगा जवाब। (तस्वीर सांकेतिक)

देश के कई राज्यों में कोरोना केसों में उछाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से भी कहा है कि राज्य में कोविड नियंत्रण से बाहर हो रहा है लेकिन सरकार क्या कर रही है? सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कोरोना की स्थिति पर दो दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। इस महीने कोरोना के मामले तेजी से बढ़ें हैं और दिसंबर में और ज्यादा उछाल देखा जा सकता है। इस उछाल में सबसे ज्यादा गुजरात, दिल्ली और महाराष्ट्र की भूमिका है।

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने कहा, ‘इस महीने देखा गया है कि कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। दिसंबर के महीने में स्थिति और खराब हो सकती है। इससे पहले की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो, प्रशासन को कमर कस लेनी चाहिए।’ जस्टिस एम आर शाह ने गुजरात सरकार से कहा, ‘राज्य में स्थिति काबू में नहीं है। हम जानना चाहते हैं कि आखिर गुजरात में हो क्या रहा है। हम जानना चाहते हैं कि कौन सी नीतियां बनाई जा रही हैं? क्या आप बता सकते हैं कि आपके राज्य में क्या हो रहा है? सार्वजनिक समारोहों, शादी औऱ अन्य कार्यक्रमों को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?’ वकील ने अगले दो दिनों में जवाब देने की बात कही है।

बेंच ने कहा, ‘इस महीने में केस तेजी से बढ़े हैं। हम राज्यों से हालिया स्थिति रिपोर्ट चाहते हैं। दिसंबर में हालात और खराब हो सकते हैं और राज्यों की तैयारी अच्छी नहीं है। दिन में आप शादी समारोह की अनुमति क्यों दे रहे हैं? दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद गुजरात के हालात भी खऱाब हैं। आप जवाब दीजिए कि सरकार क्या कदम उठा रही है।’ बेंच ने दिल्ली सरकार से भी जवाब मांगा है। जज ने कहा, ‘हम जानना चाहते हैं कि स्थिति को कैसे मैनेज किया जा रहा है? अस्पतालों में कैसे इलाज हो रहा है औऱ क्या पर्याप्ट बेड हैं?’

महाराष्ट्र ने सोमवार को चार प्रदेशों- दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और गोवा से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया जबकि कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर तक स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों और केन्द्र सरकार को कोरोना वायरस से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और सभी राज्यों को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये उठाए गए कदमों के बारे में दो दिन के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों तथा प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके कोविड-19 हालात और टीका वितरण रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने देशभर में कोविड-19 के मामलों में उछाल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली में हालात ”बदतर” और गुजरात में ”नियंत्रण से बाहर” हो गए हैं। उसने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को बदतर हालात के लिये तैयार रहना चाहिए। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 44,059 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 91 लाख से अधिक हो गई है। अब तक 85,62,641 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। (भाषा से इनपुट्स के साथ)

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