दिवाली में वडोदरा आया तो लोगों के पेट में दर्द है, मुझे कुछ कह नहीं सकते तो EC पर दबाव बना रहे हैं : पीएम नरेंद्र मोदी - PM Narendra modi attacks Congress from Gujarat says my Vadodara visit has made them uncomfortable and they are targeting Election Commission of India - Jansatta
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दिवाली में वडोदरा आया तो लोगों के पेट में दर्द है, मुझे कुछ कह नहीं सकते तो EC पर दबाव बना रहे हैं : पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम ने कहा कि अगर आप 2014 से पहले का समाचारपत्र देखें तब उस समय एक के बाद एक घोटाले अखबारों की सुर्खियां बनते थे।पहले सवाल उठता कि कितना पैसा घोटालों में गया । आज हमसे पूछा जाता है कि कितना पैसा आया । यह बदलाव है।

Author October 23, 2017 8:36 AM
प्रधानमंत्री ने 3650 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया । (फोटो-ANI)

विपक्ष द्वारा आर्थिक नीतियों की आलोचना किये जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (22 अक्टूबर) एक बार फिर जोर दिया कि कठोर सुधारों के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी है और सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा ,‘‘हमने कड़े फैसले लिये हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे ।’’ गुजरात चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं किये जाने की आलोचना पर मोदी ने कहा कि विपक्ष के पास कहने के लिये कुछ नहीं है, इसलिये वे चुनाव आयोग और मेरी गुजरात यात्रा पर सवाल उठा रहे हैं। पीएम ने कहा कि दिवाली के दौरान मेरी वडोदरा यात्रा उनकी पेट दर्द का सबब बन गया है। प्रधानमंत्री ने आज घोघा में रो रो फेरी र्सिवस के प्रथम चरण का उद्घाटन किया और इसके बाद फेरी से 100 दिव्यांग बच्चों के साथ दाहेज गए । प्रधानमंत्री ने वडोदरा में अनेक विकास कार्यो का शिलान्यास और उद्घाटन किया । प्रधानमंत्री की एक महीने में यह तीसरी गुजरात यात्रा है और यह ऐसे समय में हुई है जब चुनाव आयोग द्वारा गुजरात विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं होने के कारण उसे कांग्रेस सहित विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आज प्रधानमंत्री ने घोघा, दाहेज और वडोदरा तीनों स्थानों पर जनसभा को संबोधित किया।

वडोदरा में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मैंने 3650 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया । यह मेरे लिये सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कहने के लिये कोई बात नहीं है, इसलिये ऐसे लोग चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं और मेरी गुजरात यात्रा पर सवाल उठा रहे हैं । ये वही लोग हैं जो राज्यसभा चुनाव जीते जब चुनाव आयोग ने वोटों की पुन: गणना करने की अनुमति दी। पीएम ने कहा कि अपने करतूतों की वजह से ये लोग मुझे तो कुछ नहीं कह सकते लेकिन चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे हैं। मोदी ने कहा कि जनता की एक एक पाई विकास के लिये हैं और हम विकास कार्यो को आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध है। विकास हमारी प्राथमिकता है। हमारे कामकाज का तरीका स्पष्ट है और हम संसाधनों का उपयोग जनता एवं नागरिकों की भलाई के लिये करेंगे । उन्होंने कहा कि अगर आप 2014 से पहले का समाचारपत्र देखें तब उस समय एक के बाद एक घोटाले अखबारों की सुर्खियां बनते थे । पहले सवाल उठता कि कितना पैसा घोटालों में गया । आज हमसे पूछा जाता है कि कितना पैसा आया । यह बदलाव है।

दाहेज में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बहुत से अर्थशास्त्री इस बात पर सहमत हैं कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है । हमने अर्थव्यवस्था के लिए कड़े फैसले लिए हैं। राजकोषीय स्थिरता को कायम रखते हुए हम ऐसा करना जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है कि जब विपक्षी दल नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साध रहे हैं । मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान कारोबारियों तक पहुंच बनाने का प्रयास करते हुए कहा कि अगर वे जीएसटी की व्यवस्था में अपना पंजीकरण कराते हैं और औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनते हैं तो आयकर विभाग उनके पूर्व के रिकार्ड की जांच करने के बहाने उन्हें परेशान नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ सभी सुधारों और कठोर निर्णयों के बाद देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आई है और अब सही दिशा में बढ़ रही है। ’’ मोदी ने कहा, ‘‘ अगर हम हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोयला, बिजली, प्राकृतिक गैस और अन्य चीजों का उत्पादन काफी बढ़ा है। देश में विदेशी निवेश रिकार्ड स्तर पर है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 40 हजार करोड़ डालर हो गया है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमने सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और यह प्रक्रिया जारी रहेगी । सुधारों के जरिये रोजकोषीय स्थिरता कायम रखी जायेगी। हम देश के आर्थिक विकास के लिये निवेश आमंत्रित करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं । ’’ उल्लेखनीय है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी हाल के गुजरात दौरे के दौरान अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं ।

जीएसटी का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि जीएसटी की व्यवस्था से जुड़ने वाले कारोबारियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ महीनों में 27 लाख अतिरिक्त लोगों ने इस अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में पंजीकरण कराया है। कोई कारोबारी कर चोरी नहीं करना चाहता है । कर संबंधी नियम, प्रणाली और कर अधिकारी और यहां तक राजनीतिकों के कारण वे ऐसा करने को विवश होते हैं । उन्होंने कहा कि जीएसटी के कारण नाका पर भ्रष्टाचार रूका है । मैं आश्वस्त करता हूं कि किसी अधिकारी को पिछले रिकार्ड को खोलने की अनुमति नहीं दी जायेगी ।

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