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कार्यक्रम रद्द हुए तो भड़के जिग्नेश मेवानी, बोले- बीजेपी के गुंडों ने दी धमकी

अहमदाबाद स्थित एचके आर्ट्स कॉलेज के एनुअल फंक्शन में विधायक जिग्नेश मेवानी को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था, लेकिन भाजपा के छात्र नेताओं के विरोध की वजह से इसे रद्द करना पड़ा।

विधायक जिग्नेश मेवानी। (Express Photo)

गुजरात के अहमदाबाद स्थित एचके आर्ट्स ऑलेज ने रविवार (10 फरवरी) को इस साल होने वाले एनुअल फंक्शन को रद्द कर दिया। इसके पीछे की वजह यह बताई गई कि विधायक जिग्नेश मेवानी को इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया था, जिसका विरोध भाजपा से जुड़े छात्र नेताओं द्वारा किया गया। छात्र नेताओं के दवाब की वजह से विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम के लिए हॉल दिए जाने से मना कर दिया, जहां इसका आयोजन होना था। इस वजह से कॉलेज प्रशासन ने सोमवार (11 फरवरी) को होने वाला कार्यक्रम रद्द कर दिया। कार्यक्रम रद्द होन के बाद जिग्नेश मेवानी भड़क गए। उन्होंने कहा कि भाजपा के गुंडों की वजह से ऐसा करना पड़ा।

जिग्नेश ने ट्वीट कर कहा, “भाजपा के गुंडों द्वारा धमकी दिए जाने की वजह से एचके आर्ट्स कॉलेज के संरक्षकों द्वारा एनुअल फंक्शन को रद्द करना पड़ा, जिसमें मुझे मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। अहमदाबाद स्थित इसी कॉलेज से मैंने ग्रेजुएशन किया है। मैं यहां बाबा साहेब के मिशन और उनकी जिंदगी के बारे में चर्चा करने वाला था। मैं यहां के प्राचार्य हेमंत शाह को सलाम करता हूं जिन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया।”

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कॉलेज के प्राचार्य हेमंत कुमार शाह ने कहा, “सोमवार को हमारे कॉलेज का एनुअल फंक्शन होना था। करीब 15-20 दिन पहले हमने जिग्नेश मेवानी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था। हम उन्हें इसलिए बुलाना चाहते थे क्योंकि वे यहां के पूर्ववर्ती छात्र हैं। हालांकि, भाजपा से जुड़े कुछ छात्र नेताओं को यह पसंद नहीं आया। इन छात्र नेताओं ने कॉलेज के ट्रस्टियों और मुझे कार्यक्रम के दौरान हंगामा करने की धमकी दी।”

शाह ने आगे कहा, ” मैं और कॉलेज के उप-प्राचार्य मोहनभाई परमार कार्यक्रम में मेवानी को मुख्य अतिथि बनाने और कार्यक्रम आयोजित करवाने पर अड़े रहे। हमने कॉलेज ट्रस्ट को अपने विचार से अवगत करवाया। लेकिन ट्रस्टियों ने हमें कहा कि ट्रस्ट और कॉलेज के विचार तथा माहौल को देखते हुए हम कार्यक्रम के लिए आपको हॉल आवंटित नहीं करेंगे। उन्होंने हमसे कार्यक्रम को रद्द करने को कहा।”

शाह ने आगे कहा, “हमने ट्रस्टियों से हॉल आवंटित नहीं करने की बात लिखित में देने को कहा। उन्होंने हमें लिखित में दिया कि ट्रस्टी कार्यक्रम के लिए हॉल आवंटित करने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा और कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। मुझे लगता है कि यह लोकतंत्र की हत्या है। सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है लेकिन जिस तरह से ट्रस्ट ने यह निर्णय है, मैं उससे काफी दुखी हूं। मैं इस बारे में ट्रस्ट को लिखने वाला हूं।”

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