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सीएम पेमा खांडू ने कहा-द्वापर युग से अरुणाचल है भारत का अभिन्न अंग, कोई देश नहीं कर सकता है दावा

पेमा खांडू ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट युगों से भारत का हिस्सा रहा है। इस मेले में गुजरात और मणिपुर के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने भी पेमा खांडू की बात का समर्थन किया और कहा कि राज्य के क्षेत्रों पर कोई भी देश कभी दावा नहीं कर सकता है।

source – indian express

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश द्वापर युग से ही भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने द्वापर युग में हुए भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणि की शादी को एक महत्वपूर्ण तथ्य बताते हुए कहा कि पिछले 5000 सालों से अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य अंग है। पेमा खांडू बुधवार को गुजरात के पोरबंदर में थे। पोरबंदर जिले में आयोजित माधवपुर मेले में हिस्सा लेने पहुंचे पेमा खांडू ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट युगों से भारत का हिस्सा रहा है। इस मेले में गुजरात और मणिपुर के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। दोनों मुख्यमंत्रियों ने भी पेमा खांडू की बात का समर्थन किया और कहा कि राज्य के क्षेत्रों पर कोई भी देश कभी दावा नहीं कर सकता है।उन्होंने कृष्ण और रुक्मणि पर आधारित एक पौराणिक कथा का वर्णन करते हुए कहा कि रुक्मणी राजा भीष्मक की पुत्री थी जो अरुणाचल प्रदेश के इदु मिशि जनजाति से आते थे।

पौराणिक कथाओं के अनुसार रुक्मणि ने कृष्ण से माधवपुर गांव में शादी की थी। पोरबंदर में एक भीड़ को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने कहा कि कोई इस इतिहास को बदल नहीं सकता। उन्होंने आगे कहा कि आजकल कुछ न्यूज चैनलों पर यह खबर सुनने में आ रही है कि दूसरे देश नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों पर अपना दावा कर रहे हैं, लेकिन इतिहास बतलाता है कि अरुणाचल प्रदेश अलग राज्य नहीं है बल्कि पूरा नॉर्थ ईस्ट एक है। उन्होंने कहा कि दशकों से अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है और यही हमारी ताकत है।

इससे पहले मणिपुर के सीएम बिरेन सिंह ने कहा कि कृष्ण और रुक्मणि का विवाह नॉर्थईस्ट को भारत से जोड़ता है। बिरेन सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण के समय असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर अलग-अलग नहीं बल्कि पूरा नॉर्थ ईस्ट एक था। अब अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड चीन के सीमा के पास है लेकिन श्रीकृष्ण ने इन सभी को भारत का हिस्सा बनाया था।

वहीं इस सम्मेलन में मौजूद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि यह सभी राज्य आजादी के समय से नहीं बल्कि श्रीकृष्ण के समय से ही भारत का हिस्सा हैं। आपको बता दें कि यहां रहने वाले लोग कई सालों से माधवपुर मेले का आयोजन करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार इस मेले का महत्व राष्ट्रीय स्तर पर भी काफी बढ़ गया है क्योंकि मेले में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये हैं जिनमें कई राज्यों से आए कलाकार हिस्सा भी ले रहे हैं।

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