गोधरा केस में 11 को फांसी सुनाने वाले जज को रिटायर होते ही गुजरात सरकार ने दिया नया पद

सरकार ने पटेल की नियुक्ति एक साल के अनुबंध के आधार पर की है। जारी आदेश में बताया गया है कि पटेल के रिटायर होने के समय किए जा रहे भुगतान के बराबर की ही राशि ही इस पद पर मिलेगी।

Gujarat High Court, Judge P R Patel, 2002 Godhra case
पटेल ने 1 जनवरी को नए पद का कार्यभार संभाला था। (फोटो सोर्स : Indian Express)

गुजरात सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने 2002 के गोधरा केस में 11 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाने वाले जज को रिटायर होते ही नया पद दे दिया है। रुपाणी सरकार ने रिटायर हुए जज पी आर पटेल को लॉ ऑफिसर के अहम पद पर बैठाया है। इससे पहले वह गुजरात उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उन्हें रिटायरमेंट के दिन ही इस पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

पटेल ने 1 जनवरी से राज्य सरकार के कानून विभाग के साथ अपने नए पद का कार्यभार संभाला था। वह जून 2017 में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पद से रिटायर हुए थे। हालांकि इसके बाद उन्हें 31 दिसंबर 2018 तक दो बार इस पद पर बनाए रखा गया। पटेल की नियुक्ति पर बीते साल  31 दिसंबर को ही सरकार के कानून विभाग ने एक आदेश जारी किया था।

कानून विभाग के आदेश में कहा गया था कि ‘गुजरात उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में गुजरात सरकार के खिलाफ मामलों की पेंडेंसी कम करने और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल (सेवानिवृत्त) के रूप में सेवाएं देने वाले पीआर पटेल को कानून विभाग में अनुबंध के आधार पर ‘विशेष अधिकारी’ के रूप में नियुक्ति किया गया है।

जारी आदेश में बताया गया है कि पटेल के रिटायर होने के समय किए जा रहे भुगतान के बराबर की ही राशि ही इस पद पर मिलेगी। हालांकि इस भुगतान में पेंशन नहीं शामिल होगी। इसके साथ ही इसमें कहा गया है कि उन्हें सरकार द्वारा सौंपी गई ‘कोई अन्य जिम्मेदारी’ भी निभानी होगी। सरकार ने पटेल की नियुक्ति एक साल के अनुबंध के आधार पर की है।

सरकार द्वारा यह महत्वपूर्ण पद दिए जाने के बाद पटेल ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘सरकार द्वारा दिए गए इस पद पर रहते हुए मुझे कोई भी न्यायिक निर्णय नहीं लेना है। मुझे मुख्य रूप से मामलों की देखरेख और निगरानी करनी है। जिससे जल्द फैसले लिए जा सकें। अगर पहले का मुझसे संबंधित कोई केस अब मेरी राय के लिए आता है तो मैं अपनी राय देने से मना कर सकता हूं। आमतौर न्यायिक अधिकारी पर ऐसा करते हैं। पटेल ने कहा कि अब मेरा कार्य मुख्य रूप से ऊपरी अदालतों के साथ गुजरात सरकार के अलग अलग विभागों के मुकदमों को कोऑर्डिनेट करना है।

बतान दें कि, 62 वर्षीय पी आर पटेल मध्य गुजरात के आनंद जिले में स्थित पेटलाद से हैं। पटेल सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा में 1982 में शामिल हुए। उन्होंने अपने जीवन के 35 साल न्यायिक सेवा में गुजारे। पी आर पटेल ने वड़ोदरा, जामनगर, राजकोट, पंचमहल और अहमदाबाद (ग्रामीण) जैसे विभिन्न जिलों में मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।

पढें गुजरात समाचार (Gujarat News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
पूर्व की जांच ने सारदा घोटाले की जांच को बना दिया पेचीदा: सीबीआईCoal scam: Court will view report of CBI