ताज़ा खबर
 

गुजरात: सरकारी स्कूल के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है कि दानव थे ईसा मसीह

उन्होंने कहा इससे साफ दिखाई देता है कि यह किसी की धार्मिक भावना को आहत पहुंचाने का मामला है।

हिंदी की जिस किताब के सौलहवें चेपटर में ईसा मसीह को हैवान बताया गया है उस पाठ का नाम है ‘भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य संबंध’। (Photo Source: Twitter)

गुजरात स्टेट बोर्ड की एक बार फिर से बहुत बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। सरकारी स्कूल में कक्षा नौवीं की हिंदी की किताब में ईसाइयों के भगवान ईसा मसीह को हैवान कहकर संबोधित किया गया है। वहीं जब इस बारे में बोर्ड के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह केवल गलत छपाई के कारण हुआ है। इस मामले के सामने आते ही राज्य शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने जांच के आदेश देते हुए कहा कि बहुत ही जल्द किताबों में हो रही ऐसी गलतियों को सुधार लिया जाएगा। आपको बता दें कि हिंदी की जिस किताब के सौलहवें चेपटर में ईसा मसीह को हैवान बताया गया है उस पाठ का नाम है ‘भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य संबंध’। इस पाठ की एक लाइन में लिखा है ‘इस संबंध में हैवान ईसा को एक कथन सदा स्मरणीय है”

इस गलती की पहचान अधिवक्ता सुबरमणयम अय्यर ने की। अय्यर ने कहा कि बोर्ड द्वारा ऐसी गलती कभी भी स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार को इसे जल्द से जल्द ठीक कर देना चाहिए। नेटवर्क 18 के अनुसार अय्यर ने कहा कि इस किताब के जरिए छात्रों को यह बताया जा रहा है कि ईसा मसीह एक हैवान थे। उन्होंने कहा इससे साफ दिखाई देता है कि यह किसी की धार्मिक भावना को आहत पहुंचाने का मामला है। अय्यर ने कहा हो सकता है कि इसके पीछे किसी का कोई गलत इरादा न हो लेकिन यह एक समुदाय और कानून के बीच में विवाद पैदा करता है।

इस बारे में जब गुजरात स्टेट बोर्ड के चैयरमेन नितिन पैठानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किताबों में हैवा लिखा जाना था लेकिन गलती से हैवान लिखा गया। हैवा का मतलब बताते हुए पैठानी ने कहा कि ईसा मसीह के दो चेले थे, आदम ईसा और हैवा ईसा, जिनमें से हैवा को किताब में गलती से हैवान छाप दिया गया। खैर अब देखना यह है कि बोर्ड कबतक ऐसी गलतियां दोहराता रहेगा। इससे पहले भी एक मामला सामने आया था जिसमें गुजरात स्टेट बोर्ड की किताबों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान जापान ने अमेरिका पर परमाणु बम गिराया था।

देखिए वीडियो 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App