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मेवानी का कार्यक्रम रद्द करने होने पर कॉलेज अफसरों ने दिया इस्तीफा, कहा- आजादी का घोंटा जा रहा दम

प्राचार्य हेमंत शाह के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद उप प्राचार्य मोहनभाई परमार ने भी पद से इस्तीफा दे दिया।

Author February 12, 2019 11:17 AM
दलित नेता और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी।

दलित नेता और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को मुख्य अतिथि बनाए जाने के खिलाफ उसके न्यासियों को विरोध की धमकियां मिलने के बाद एक स्थानीय कॉलेज ने सोमवार (11 फरवरी, 2019) को अपना वार्षिक समारोह रद्द कर दिया। ब्रह्मचारी वेदी ट्रस्ट, एचके आर्ट्स कॉलेज संचालित करता है। ट्रस्ट के फैसले की निंदा करते हुए प्राचार्य हेमंत शाह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और दावा किया कि ट्रस्ट ने ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर समझौता’’ किया और एक राजनीतिक पार्टी के छात्र नेताओं की धमकियों के कारण ऐसा किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके आजादी का दम घोंटा जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक प्राचार्य हेमंत शाह के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद उप प्राचार्य मोहनभाई परमार ने भी पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवाणी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। न्यासियों ने परिसर में स्थित सभागार में प्रवेश करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। मेवाणी ने ट्वीट किया, ‘भाजपा के गुंडों द्वारा दी गई धमकियों के कारण एचके आटर्स कॉलेज, अहमदाबाद के न्यासियों ने उस वार्षिक समारोह को रद्द कर दिया, जहां मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। बाबा साहेब (आंबेडकर) के जीवन और मिशन के बारे में बात करने जा रहा था। प्राचार्य हेमंत शाह को सलाम जिन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया।’

उन्होंने न्यासियों पर भाजपा और उसकी छात्र इकाई एबीवीपी की ‘गुंडागर्दी के खिलाफ नहीं खड़े होने’ का आरोप लगाया और कहा कि ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए यह एक शर्मनाक दिन है।’ उन्होंने कहा, ‘जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने है, कई लोग दुर्बल बन गए है। दुर्भाग्यवश, इस कॉलेज के ट्रस्टी इस श्रेणी में आ गए है।’ कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद ट्रस्ट के सचिव अमरीश शाह से इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

अपने इस्तीफा पत्र में प्राचार्य शाह ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी से संबंधित छात्र नेताओं द्वारा दी गई धमकियों के दबाव में ट्रस्टी आ गए। ट्रस्टियों ने अभिव्यक्ति की आजादी से समझौता किया। शाह ने कहा कि मेवाणी को आमंत्रित करने का उनका निर्णय गलत नहीं था क्योंकि इससे पहले भी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को कॉलेज के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ छात्र नेताओं ने धमकी दी थी कि यदि मेवाणी को आमंत्रित किया गया तो समारोह में व्यवधान उत्पन्न किया जाएगा।

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