ताज़ा खबर
 

गुजरात की राजनीति में चमका एक और अमित, भाई को हटाकर कांग्रेस ने बनाया अध्यक्ष

अमित चावड़ा फिलहाल अंकलाव विधानसभा सीट से विधायक हैं। पिछले साल दिसंबर में विधानसभा चुनावों में चावड़ा ने बीजेपी के जनकसिंह राज को हराया था। बता दें कि अमित चावड़ा के चाचा माधव सिंह सोलंकी गुजरात के चार बार मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं।

मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी की जगह अब उनके ही चचेरे भाई अमित चावड़ा को गुजरात कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। (फोटो-फेसबुक)

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर नए नाम का ऐलान हो गया है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी की जगह अब उनके ही चचेरे भाई अमित चावड़ा को गुजरात कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। अमित चावड़ा फिलहाल अंकलाव विधानसभा सीट से विधायक हैं। पिछले साल दिसंबर में विधानसभा चुनावों में चावड़ा ने बीजेपी के जनकसिंह राज को हराया था। बता दें कि अमित चावड़ा के चाचा माधव सिंह सोलंकी गुजरात के चार बार मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं। दादा ईश्वरभाई चावड़ा भी आनंद लोकसभा क्षेत्र से कई साल तक सांसद रह चुके हैं। चाचा और दादा दोनों को राज्य में कांग्रेस को मजबूत करने का श्रेय जाता है।

पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के 84वें अधिवेशन के बाद गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक सोलंकी ने राज्यसभा में उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से खफा होकर इस्तीफा दिया था। हालांकि, उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर इसका खंडन किया था। सोलंकी के नेतृत्व में पिछले साल गुजरात में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया था और पार्टी की सीटों में इजाफा हुआ था। गुजरात में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी को पहली बार झटका लगा। इसके बाद माना जा रहा था कि 2019 में कांग्रेस फिर से गुजरात में बीजेपी को कड़ी चुनौती देगी।

HOT DEALS
  • Honor 7X Blue 64GB memory
    ₹ 16699 MRP ₹ 16999 -2%
    ₹0 Cashback
  • Honor 7X Blue 64GB memory
    ₹ 16010 MRP ₹ 16999 -6%
    ₹0 Cashback

भरत सिंह सोलंकी साल 2006 में गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। वो तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। यूपीए सरकार में ऊर्जा राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। साल 2014 में वो मोदी लहर में गुजरात के आनंद से लोक सभा चुनाव हार गये थे। उनके पिता माधव सिंह सोलंकी ने कांग्रेस को 1985 में राज्य की 149 सीटों पर रिकॉर्ड जीत दिलायी थी। माना जाता है कि माधव सिंह सोलंकी ने ओबीसी, दलित, आदिवासी और मुसलमानों को एकजुट करके ये जीत हासिल की थी। उनके बेटे भरत सिंह ने भी पिछले साल ओबीसी, दलित, आदिवासी और पाटीदार वोटों को एक साथ लाने की कोशिश की और विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया। अब इन समीकरणों को आगे बनाए रखने और मिशन 2019 का जिम्मा उनके ही भाई के कंधे पर आ टिका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App