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बाइक पर शिवाजी का पोस्टर लगाया तो दलित युवक की कर दी पिटाई, 5 गिरफ्तार

बहुचरा जी तालुका और मेहसाणा जिले में दलितों के साथ अत्याचार के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। यहां दलित दूल्हे अपनी बारात घोड़ों पर नहीं निकाल सकते। न तो उन्हें मंदिरों में प्रवेश की इजाजत है और न ही गांव के श्मशान गृह में अपने मुर्दों को फूंकने की इजाजत है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

देश के पश्चिमी राज्य गुजरात में एक बार फिर से जातीय विद्वेष का मामला सामने आया है। ये मामला मेहसाणा जिले के बहुचरा जी से 10 किमी दूर अकबा गांव में हुआ है। जहां पर 8 से 10 लोगों पर 18 साल के दलित युवक की पिटाई का आरोप लगा है। बताया गया कि जयदेव परमार नाम के दलित युवक की पिटाई सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि उसने अपनी बाइक पर मूंछों पर ताव देते छत्रपति शिवा जी महाराज की फोटो लगा रखी थी। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी वीरसंघ झाला (19), रानूभा झाला (20), रामजी झाला (37), विक्रम सिंह झाला (19), दनभा झाला (21) शामिल हैं। पुलिस ने इन पर आईपीसी और दलित उत्पीड़न की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

परमार के द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के मुताबिक, ग्रामीणों का गुट उसे तभी से परेशान कर रहा था जबसे उसने अपनी बाइक पर शिवा जी का पोस्टर लगाया था। जयदेव परमार का आरोप है,”जब मेरे परिवार की महिला सदस्य 70 साल की चंचल परमार ने मुझे बचाने की कोशिश की, उन्होंने उनके साथ भी मारपीट की।” उसे और महिला को बहुचरा जी रेफेरल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के दलित अधिकार एक्टिविस्ट रमेश परमार ने कहा कि बहुचरा जी तालुका और मेहसाणा जिले में दलितों के साथ अत्याचार के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है।

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रमेश प​रमार ने बताया,”हाल ही में दलित युवक की विट्ठलपुर में पिटाई हुई थी। इससे पहले, दलितों को बेचर गांव में कुएं से पानी भरने की इजाजत नहीं थी। जब वे इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाते थे। उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाता था। रणतेज गांव में आयोजित धार्मिक पर्व में दलितों ने भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई ​थी। क्योंकि उन्हें अलग लाइन में खाने के लिए कहा गया था। बहुचरा जी तालुका में, दलित जाति के दूल्हे अपनी बारात को घोड़ों पर नहीं निकाल सकते। न तो उन्हें मंदिरों में प्रवेश करने की इजाजत है और न ही गांव के सार्वजनिक श्मशान गृह में अपने मुर्दों को फूंकने की इजाजत है।”

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