Currency notes showered on Folk singer at a Programme in Valsad District Of Gujrat - लोकगायक के - Jansatta
ताज़ा खबर
 

वीडियो: गुजरात में सिंगर पर हुई नोटों की बारिश, लोगों ने लुटा दिये 50 लाख रुपये

कार्यक्रम में लोकगायक के ऊपर नोटों की ऐसी बरसात की गई कि लोगों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। देखते ही देखते पूरा स्टेज 10, 200 और 500 के नोटों से पट गया। इतने नोट बरसाए गए कि उन्हें गिनने के लिए बाकायदे नोट गिनने वाली मशीन भी लगानी पड़ी।

गुजरात में वलसाड जिले में कार्यक्रम के दौरान लोकगायक पर नोटों की बारिश्‍ा करते लोग। फोटो- एएनअाई

गुजरात के मशहूर लोकगायक ने कभी भी नहीं सोचा होगा कि भजन संध्या में गाने के लिए जाना उसे विवादों का केन्द्र बना देगा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक ये कार्यक्रम शनिवार (19 मई) देर रात को दक्षिणी गुजरात के वलसाड जिले मेें आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में लोकगायक के ऊपर नोटों की ऐसी बरसात की गई कि लोगों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। देखते ही देखते पूरा स्टेज 10, 200 और 500 के नोटों से पट गया। इतने नोट बरसाए गए कि उन्हें गिनने के लिए बाकायदे नोट गिनने वाली मशीन भी लगानी पड़ी। अब इस पूरे प्रोग्राम का वीडियो वायरल हो रहा है।

बता दें कि गुजरात में लोकगायकों पर नोट बरसाने का चलन नया नहीं है। इससे पहले भी पंजाब—हरियाणा और गुजरात में लोकगायकों पर नोट बरसाने का रिवाज रहा है। लेकिन ताजा मामला ​दक्षिणी गुजरात के वलसाड जिले का है। यहां एक लोकगीत कार्यक्रम मेंं भाग लेने के लिए आए लोकगायकों गीता राबर और ब्रिजराजदान गढ़वी पर लोगों ने नोटों की बारिश शुरू कर दी। देखते ही देखते पूरा स्टेज नोटों से भर गया। दावा है कि चैरिटी के लिए आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में करीब 50 लाख रुपये बरसाए गए हैं। ये नोट 10,200 और 500 के थे, जिन्हें गिनने के लिए बाद में बाकायदे मशीन भी लगाई गई।

इस कार्यक्रम को वलसाड जिले के कालवाड़ा गांव के सरपंच आशीष पटेल ने आयोजित किया था। आयोजकों का दावा है कि इस आयोजन का मकसद धर्मार्थ संगठन, जलाराम मानव सेवा ट्रस्ट के लिए फंड जुटाना था। इस फंड से गुजरात के गांवों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आयोज​क आशीष पटेल ने कहा,”श्रद्धालुओं के द्वारा दिए गए पैसे उनकी मौजूदगी में गिने गए हैं। जो भी पैसा यहां जमा किया गया है, हम उसे ट्रस्ट को दान कर देंगे। अभी तक 50 लाख रुपये जमा किया जा चुका है।”

बता दें कि 2016 में भी लोकगायकों पर नोट उड़ाने का विवाद सामने आया था। जिस वक्त ये कार्यक्रम आयोजित हुआ था, उस समय पूरा देश नोटबंदी के कारण नगदी की समस्या से जूझ रहा था। ये कार्यक्रम गुजरात के नवसारी जिले में हुआ था। दावा था कि इस कार्यक्रम में करीब 40 लाख रुपये नई करंसी की बौछार लोकगायकों पर की गई थी। वहीं 2016 में ही एक अन्य कार्यक्रम में लोकगायक कीर्तिदान गढ़वी पर गुजरात के जामनगर जिले में रिकॉर्डतोड़ नोटों की ​बारिश की गई थी। बताया गया कि कीर्तिदान गढ़वी पर ‘लोक दायरो’ कार्यक्रम में करीब 4.5 करोड़ रुपये बरसाए गए थे। ये सभी नोट नई करंसी में 500 रुपये के नोटों में थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App