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बेटे की चाहत में पैदा हो गई छठी बच्ची, पिता ने नवजात को चाकुओं से गोद ले ली जान

बेटे की चाहत रखने वाले 32 साल के पिता ने अपनी चार दिन की बेटी की कथित तौर पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने अब हत्या के आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया कि ये उसकी लगातार छठी बेटी थी।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

गुजरात के गांधी नगर में मानवता को शर्मसार करने वाला वाकया सामने आया है। बेटे की चाहत रखने वाले 32 साल के पिता ने अपनी चार दिन की बेटी की कथित तौर पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने अब हत्या के आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया कि ये उसकी लगातार छठी बेटी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिता बेटा न होने से तनाव में चल रहा था। बता दें कि गुजरात राज्य में कन्या भ्रूणहत्या बेहद आम बात है। इस अपराध का असर राज्य में स्त्री-पुरुष लिंगानुपात में भी दिखता है।

आरोपी पिता का नाम विष्णु राठौड है। विष्णु के खिलाफ मामला उससे ससुर जसवंत जेटसिंह ने दर्ज करवाया था। जसवंत की शिकायत पर देघम तालुका के गांव मोती मसंग में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया,”ये बच्ची तीस साल की विमला और विष्णु की छठी संतान थी। उनकी शादी 10 साल पहले हुई थी। इस अवधि में उनके पांच लड़कियां हुईं। लेकिन लड़का न होने से विष्णु तनाव में रहता था।”

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जेटसिंह ने अपनी शिकायत में लिखा है कि विष्णु ने रविवार (24 जून) की शाम को नवजात की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। ये कदम उसने उस वक्त उठाया जब वह पहली बार बच्ची होने के बाद अपनी पत्नी विमला से मिलने के लिए गया। विमला उस वक्त तक प्रसूति गृह में थी। विमला के सो जाने के बाद विष्णु ने चुपचाप बच्ची के शरीर में चाकू घोंप दिया। विमला बच्ची की चीखें सुनकर जाग गई। विष्णु ने मौके से भागने की कोशिश भी की। लेकिन उसके परिवार वालों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है। गुजरात में प्रति हजार पुरुषों पर सिर्फ 919 महिलाएं ही हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल से पहले साल 2014-16 में सेक्स अनुपात प्रति 1000 पुरुषों पर 848 महिलाओं का था। ये साल 2005-07 के बाद रिकॉर्ड किया गया सबसे कमजोर आंकड़ा था। साल 2005-07 तक गुजरात में स्त्री पुरुष का औसत अनुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 891 महिलाओं का था।

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