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गुजरात: लुंगी पहनने के लिए बिहार के सात लोगों पर हमला, शहर छोड़ने की धमकी दी

इंजिनियर और अन्य 6 लोग बिल्डिंग के बाहर ही बैठे थे। तभी परमार सहित तीन अन्य लोग आ गए। उन्होंने उनके पहनावे के बारे में पूछताछ करने लगे। पहनावे के बारे में बताते ही तीनों आरोपियों ने यादव और अन्य लोगों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।

Author Updated: October 17, 2018 3:51 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

गुजरात में हिंदी भाषियों पर हो रहे स्थानीय लोगों के हमले रुक नहीं रहे हैं। इस मामले में सरकार और पुलिस भी कई बार दावे कर चुकी है। लेकिन स्थित सुधर ही नहीं पा रही है। ताजा मामला राज्य के वडोदरा का सामने आया हैं। यहां बिहार के सात लोगों पर हमला हुआ है। जबकि पुलिस पीड़ितों के दावे को नकार रही है। इन पर तीन लोगों ने हमला किया था।

बिहार के एक सिविल इंजिनियर और छह प्लंबरों पर सोमवार रात को काम कर रहे स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। सिविल इंजिनियर समेत बाकी सभी लोग बिहार के मधूबनी जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने मंगलवार को हमले के तीन अरोपियों में से एक कयूर परमार को गिरफ्तार कर लिया।

खबरों के अनुसार, वडोदरा नगर निगम के एक प्राथमिक विद्यालय के कंस्ट्रक्शन साइट पर सिविल इंजिनियर शत्रुघ्न यादव और छह प्लंबर काम कर रहे थे। सोमवार की शाम को जब इंजिनियर और अन्य 6 लोग बिल्डिंग के बाहर ही बैठे थे। तभी परमार सहित तीन अन्य लोग आ गए। उन्होंने उनके पहनावे के बारे में पूछताछ की। पहनावे के बारे में बताते ही तीनों आरोपियों ने यादव और अन्य लोगों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। जिसमें सभी को चोटें आई हैं। यादव और अन्य ने उस वक्त लुंगी पहन रखी थी।

मौका पाकर यादव ने पुलिस को फोन कर दिया। इसके पहले पुलिस पहुंचती तीनों हमलावर वहां से भाग गए। भागते हुए तीनों ने बिहार के लोगों को राज्य छोड़कर जाने की धमकी भी दी। बाद में सामा पुलिस स्टेशन में इंजिनियर यादव और सभी प्लंबर ने शिकायत दर्ज कर दी। लौटने पर उन्होंने देखा कि बाइक और दो कुर्सियों को जला दिया गया।

गंभीर स्थिति के चलते सूरत निवासी ठेकेदार मयूर पटेल भी वडोदरा पहुंचे। मयूर पटेल ने कहा, ‘यह कहना मुश्किल है कि हमला क्यों किया गया है। हमलावरों को इंजिनियर और मजदूरों की लुंगी से समस्या थी, जो की समझ से परे है।’

मामले में सामा पुलिस इंस्पेक्टर पीडी परमार ने कहा, ‘एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन हिंदी भाषियों के खिलाफ बीते दिनों हुईं हिंसा से लेना देना नहीं है। बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’

पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने इस मामले पर बताया, ‘कुछ दिनों से, स्थानीय लोगों ने पिड़ितों को ‘लुंगी’ पहनकर गलत तरीके से बैठे से टोंका था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। स्थानीय लोगों और प्रवासियों के बीच सोमवार की रात को फिर से इसी बात पर हाथापाई हो गई। जांच से पता चला कि यह प्रवासियों के खिलाफ हुई हिंसा से मामले का लेना देना नहीं है।’

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