गुजरात: "टेक्निकल" वजहों से तय तारीख पर नहीं शुरू हो पाई रो-रो फेरी सेवा, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था शुभारंभ - Ro Ro Ferry Service Could Not Start Its First Commercial Service on Announced Date, Was Inaugurated by PM Narendra Modi on Sunday - Jansatta
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गुजरात: “टेक्निकल” वजहों से तय तारीख पर नहीं शुरू हो पाई रो-रो फेरी सेवा, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था शुभारंभ

गुजरात सरकार ने 20 अक्टूबर को अखबार में विज्ञापन देकर सूचित किया था कि मंगलवार (24 अक्टूबर) से फेरी सेवा आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी।

Author October 26, 2017 6:45 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (22 अक्टूबर) को रो-रो फेरी सेवा की शुरुआत की थी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित घोघा-दहेज के बीच चलने वाली रोल ऑन रोल ऑफ (रो-रो) फेरी सेवा मंगलवार (24 अक्टूबर) को अपनी पहला व्यावसायिक यात्रा करने में विफल रही क्योंकि इसके संचालक को कुछ “तकनीकी अनुमतियां” समय पर नहीं मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (22 अक्टूबर)  भावनगर के घोघा और भरूच के दहेज के बीच 650 करोड़ रुपए की रोल-आॅन रोल आॅफ (रो-रो) फेरी सेवा के पहले चरण का शुभारंभ किया था। उस समय सरकार ने घोषणा की थी रो-रो फेरी सेवा मंगलवार से काम करना शुरू कर देगी। संचालक ने बताया कि जरूरी अनुमतियाँ मिलने के बाद गुरुवार (26 अक्टूबर) से रो-रो फेरी सेवा शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (जीएमबी) के सूत्रों के अनुसार ये रो-रो फेरी सेवा आम जनता के लिए एक नवंबर से पहले शायद ही शुरू हो पाये।

गुजरात सरकार ने 20 अक्टूबर को अखबार में विज्ञापन देकर सूचित किया था कि मंगलवार (24 अक्टूबर) से फेरी सेवा आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी। मंगलवार को भले ही फेरी सेवा आम जनता के लिए न शुरू हुई हो इसने दहेज से घोघा तक यात्रा की और वापस भी आयी लेकिन ये यात्रा केवल यात्रियों के मनोरंजन के लिए थी। डेटोक्स ग्रुप के चेयरमैन चेतन कांट्रैक्टर ने कहा, “दहेज में करीब 60 टिकट (एक टिकट पर कई यात्री यात्रा कर सकते थे) मौके पर बिके। और 35 टिकटों की मांग को हमने ठुकरा  दिया। फेरी पर करीब 170 यात्री और करीब 62 मेहमान थे। मेहमानों में ज्यादातर हमारे स्टाफ के परिजन थे। फेरी शाम 4.10 बजे दहेज से चली और एक घंटे मे घोघा पहुंची और वहां से करीब शाम 7.15 बजे वापस आयी। यात्रियों के लिए भी ये मनोरंजक यात्रा थी।” डेटोक्स कंपनी की सहायक कंपनी सौराष्ट्र एनवायरो प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड फेरी का संचालन करने वाले कनसॉर्टियम में साझीदार है।

हालांकि कंपनी में काम करने वाले सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को करीब 125 यात्रियों ने फेरी का यात्रा की और उनमें ज्यादातर कनसोर्टियम के चार डायरेक्टर, उनके दोस्त, परिजन इत्यादि थे। घोघा टर्मिनल पर टिकट विंडो काम नहीं कर रही थी लेकिन डेटोक्स ग्रुप की एक अन्य सहायक कंपनी इंडीगो सीवेज ऑनलाइन टिकट उपलब्ध करा रही थी। फेरी सेवा के कॉन्ट्रैक्टर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “कुछ तकनीकी अनुमतियों का अभी इंतजार है। हम अभी अंतरराष्ट्रीय ध्वज के साथ इसे चला रहे हैं। हम इसे भारतीय ध्वज में बदलेंगे….उम्मीद है कि इस हफ्ते के अंत तक ये हो जाएगा। हमने टिकट बुकिंग वेबसाइट को भी अभी रोक दिया है क्योंकि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिले सुझाव के बाद हम टिकट दरों में कुछ बदलाव कर रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि शनिवार को सुबह नौ बजे दहेज टर्मिनल से ये फेरी अपनी पहली व्यावसायिक यात्रा शुरू कर देगी।”

कॉन्ट्रैक्टर ने बताया  कि पहले फेरी का एक तरफ का किराया 850 रुपये था जिसमें भावनगर और सूरत से टर्निमिलों तक लाने और ले जाने का किराया शामिल था। कॉन्ट्रैक्टर ने बताया कि अब इसे 850 रुपये और 550 रुपये किया जा रहा है। फेरी प्रतिदिन दो बार इस पार से उस पार और उस पार से इस पार लाएगी। दहेज से पहली फेरी सुबह नौ बजे घोघा जाएगी। घोघा से 11 बजे दहेज के लिए आएगी। उसके बाद दोपहर तीन बजे वो दोबारा दहेज से घोघा के लिए निकलेगी और शाम पांच बजे वापस आएगी।

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