Leopard beaten to death and burnt by men in Gujarat - Jansatta
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तेंदुए को कुल्हाड़ी से पीट-पीटकर मारने के बाद पत्थर बांधकर नदी में फेंका, बात फैलते ही पानी से बाहर निकालकर जलाया

जैसे ही इस घटना का पता गांववालों और वन विभाग के अधिकारियों को लगी तो इन लोगों ने तेंदुए की लाश को नदी से बाहर निकालकर उस पर पेट्रोल छिड़कर पर जला दिया। जिससे कि अपराध के सारे सबूत नष्ट हो जाए।

Author वडोदरा। | February 20, 2017 12:23 PM
तेंदुए की हत्या करके जलाया। (File Photo)

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में तेंदुए को मारने और जलाकर मार देने का मामला सामने आया है। कथित तौर पर तेंदुए ने एक शख्स पर हमला किया था। जिसके बाद शख्स और उसके दोस्तों ने तेंदुए को डंडे और कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी थी। तेंदुए के पैरों में बड़ा-सा पत्थर बांधकर उसके शव को नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में मजदूरी करने वाले भगवान माला नाम के शख्स को हिरासत में लिया। जिसके बाद इस घटना का खुलासा हुआ। गुरुवार को खेतों में काम कर रहे माला पर तेंदुए ने हमला कर दिया था, जिसमें उसे मामूली चोंटे आई थी।

एक अधिकारी के मुताबिक तेंदुए के हमले से बचने के बाद माला ने यह बात अपने कुछ दोस्तों को बताई और उनके साथ कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे लेकर वापस खेत में आया है। माला और उसके साथियों ने तेंदुए की हत्या करने के बाद उसके शरीर को बड़े से पत्थर से बांधकर नदी में फेंक दिया। हालांकि जैसे ही इस घटना का पता गांववालों और वन विभाग के अधिकारियों को लगी तो इन लोगों ने तेंदुए की लाश को नदी से बाहर निकालकर उस पर पेट्रोल छिड़कर पर जला दिया। जिससे कि अपराध के सारे सबूत नष्ट हो जाए।

घटना की जांच करने वाली टीम के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि हमने भगवान माला को पिछली रात हिरासत में लिया था। इस घटना में 5 से 7 अन्य लोग भी शामिल है। उन्होंने बताया कि कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के संगत प्रावधानों के तहत वन विभाग मामला दर्ज कराएगा।

पिछले साल नवंबर में भी तेंदुए को जिंदा जलाकर मारने का मामला सामने आया था। गुजरात के सूरत जिले के वाडी गांव में लोगों ने तेंदुए को बंद पिंजड़े में जिंदा जला दिया। घटना से एक दिन पहले तेंदुए ने एक सात साल की बच्ची पर हमला कर दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। तेदुआ को पकड़ने के लिए गांव में पिंजड़ा लगाया गया और वह उसमें कैद हो गया। यह बात गांव में फैल गई। इसके बाद तेंदुए को मारने के लिए लोग इकट्ठा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों और वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आक्रोशित गांववालों ने वन कर्मचारियों से पिंजड़े छीन लिया और बंद तेंदुए पर मिट्टी का तेल छिड़कर उसे जिंदा जला दिया। इसके बाद गांववालों ने तेंदुए को पिंजड़े से बाहर निकाला और उसे एक बार फिर आग के हवाले कर दिया।

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