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गुजरात चुनाव: पटेलों में फूट? हार्दिक की कांग्रेस से चल रही बात, उनके संगठन ने बीजेपी से दिखाई करीबी

गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को मतदान होना है। चुनाव नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।
पाटीदार अमानत संघर्ष समिति के नेता हार्दिक पटेल। (फाइल फोटो)

गुजरात में दिसंबर में चुनाव होने हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला कांग्रेस औऱ सत्ताधारी बीजेपी के बीच माना जा रहा है लेकिन पिछले कुछ दिनों से सबसे ज्यादा चर्चा में अगर कोई है तो वो पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल हैं। हार्दिक पटेल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिल चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कांग्रेस से सात नवंबर तक पाटीदार आरक्षण पर अपना रुख साफ करने की मांग की है। दूसरी तरफ खबर आ रही है कि हार्दिक पटेल जिस पाटीदार अमानत संघर्ष समिति (पीएएसएस) का नेतृत्व कर रहे थे उसने बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पाटीदार अमानत संघर्ष समिति के वो अपनी मांगों के लिए बीजेपी पर ज्यादा भरोसा करते हैं। पीएएसएस के राष्ट्रीय संयोजक अस्विन पटेल ने इंडिया टुडे से कहा कि “कांग्रेस जो वादे कर रही है वो असंभव हैं। ऐसा लग रहा है कि वो 2019 और 2024 में भी सत्ता में नहीं आएंगे। हम उनका इंतजार नहीं कर सकते। हम बीजेपी का समर्थन करते रहे हैं तो हम कम से कम बातचीत से अपना मसला हल कर सकते हैं।” गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को मतदान होना है। चुनाव नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

रिपोर्ट के अनुसार पीएएसएस के सदस्य जल्द ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने वाले हैं। पटेल ने दावा किया कि बीजेपी ने उनकी 10 में से छह मांगें मान ली गयी हैं। पटेल ने कहा कि वो गुजरात बीजेपी से निराश हैं इसलिए अमित शाह से सीधे बातचीत करना ठीक है। पटेल ने हार्दिक पर हमला करते हुए उन्हें पाटीदार आंदोलन के दौरान हुई 14 मौतों का जिम्मेदार बताया। पटेल ने आरोप लगाया कि हार्दिक की वजह से ही आंदोलन हिंसक हुआ। अस्विन पटेल ने हार्दिक की रैलियों में आई भीड़ को पैसे से खरीदकर बुलाई गई भीड़ भी बताया। अस्विन पटेल ने आरोप लगाया कि हार्दिक अपने निजी फायदे के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाना चाहते हैं। पीएएसएस का मानना है कि कांग्रेस द्वारा अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के तहत 20 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा काबिले यकीन नहीं है।

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