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सूरत की रिहाइशी कॉलोनियों ने गैर-गुजरातियों के घुसने पर रोक लगाई, पुलिस ने हटवाए बैनर

पुलिस को मामले की जानकारी मिली तो तुरंत दोपहर बाद इन बैनर्स को हटा दिया गया। जांच में सामने आया कि बैनर्स सोसायटी की अध्यक्ष ने लगवाए।

Author October 13, 2018 11:30 AM
ये बैनर गुजरात के सूरत में रिहायशी इलाकों में लगाए गए हैं। (फोटो सोर्स इंडियन एक्सप्रेस)

गुजरात के सूरत शहर में रिहायशी कॉलोनियों में पुलिस ने शुक्रवार (12 अक्टूबर, 2018) दोपहर बाद उन विवादित पोस्टरों को हटा दिया जिसमें गैर गुजराती विरोधी बातें लिखी गई थीं। इन बैनरों के जरिए गैर गुजरातियों के कॉलोनियों में घुसने और अपना सामान बेचने, गुजरात के बाहर के लोगों को मकान किराए पर देने के लिए सख्ती से मना किया गया था। गैर गुजरातियों के खिलाफ ये घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ दिनों पहले ही हिंदी बेल्ट के प्रवासी भारतीय पर राज्य में हमले हुए। ऐसा तब हुआ जब कुछ दिनों पहले बिहार के एक शख्स को साबरकांठा जिले में 14 महीने की बच्ची से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया था।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार को मारुति विला रिहायशी सोसायटी के अध्यक्ष मनोज कपाड़िया के कहने पर ये बैनर कॉलोनियों के एंट्री गेट पर लगाए गए। जिनपर लिखा था, ‘सिर्फ गुजराती लोगों को अपना सामान बेचने और किराए पर रहने की अनुमति है। सिर्फ गुजराती लोगों को ही सोसायटी में आने की अनुमति है।’ कई गुजराती यहां रहते हैं लेकिन फिर भी यहां प्रवासी मजदूरों को प्रभुत्व है। यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा से प्रवासी भारी तादाद में कपड़ा फैक्ट्री में काम कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सोसायटी में 120 घर हैं, जिनमें से करीब पचास फीसदी पर उनका कब्जा है। हालांकि बहुमत में अभी गुजराती ही हैं। इनमें एक परिवार महाराष्ट्र का है और दूसरा राजस्थान का भी है।

मारुति विला के अध्यक्ष ने बताया, ‘हमने गणेश विसर्जन के दौरान ये बैनर्स लगाए। चूंकि हमारे समाज के निवासियों ने गैर-गुजराती परिवारों के खिलाफ एक साथ संघर्ष किया था। ये परिवार भी यहीं रहते हैं। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि हम नहीं चाहते कि कोई शख्स यहां समस्या पैदा करें। इसलिए हमने ये बैनर्स लगाए। कॉलोनी में अगर कोई शख्स अपने घर किराए देना या बेचना चाहता है तो उसे अध्यक्ष या उपाध्य से मिलना होगा। अगर परिवार गुजराती है तो हम संभाल सकते हैं लेकिन अगर वो बाहरी हैं तो यह काफी मुश्किल पैदा करेगा।’ अध्यक्ष ने आगे बताया कि कॉलोनी में महाराष्ट्र और राजस्थान का परिवार भी रहता है, लेकिन उन्होंने कभी किसी तरह की समस्या पैदा नहीं की।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिली तो तुरंत दोपहर बाद इन बैनर्स को हटा दिया गया। जांच में सामने आया कि बैनर्स सोसायटी की अध्यक्ष ने लगवाए। मामले में इंस्पेक्टर वीएम मकवाना ने बताया कि हमने बैनर हटा दिए हैं। इसके अलावा सोसायटी के अध्यक्ष मनोज कपाड़िया का भी बयान दर्ज किया जाएगा। जहां भविष्य की कार्रवाई को लेकर दिशा तय की जाएगी।

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