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गुजरात: चोरी हुई बकरी को ढूंढने के लिए पुलिस ने दो शहरों में छेड़ा अभियान, मिलने पर यूं लगा झटका

हाल ही में अहमदाबाद के असारवा इलाके से एक बकरी चोरी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बकरी को कुछ अज्ञात लोग सफेद ईको कार में ले गए। इलाके के विधायक प्रदीप परमार ने कहा कि बकरी काफी बड़ी साइज की थी और पीड़िता परिवार इसे अपने बेटे की शादी के दौरान बेचने की योजना में था

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)

गुजरात में एक बकरी के चोरी हो जाने के बाद उसे ढूंढने के लिए बड़ा अभियान छेड़ा गया। राजनीतिक दबाव की वजह से हुए इस ऐक्शन में पुलिस और आरपीएफ दोनों ने मिलकर बकरी को सूरत और अहमदाबाद में ढूंढना शुरू किया। बकरी को सूरत रेलवे स्टेशन पर खड़ी मुंबई जा रही ट्रेन से बरामद किया गया। बकरी को वापस अहमदाबाद लाया गया तो पुलिस को बड़ा झटका लगा। पता चला कि वे गलत बकरी ले जाए हैं। यह वो बकरी नहीं है, जिसकी तलाश पुलिस को थी।

द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक, हाल ही में अहमदाबाद के असारवा इलाके से एक बकरी चोरी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बकरी को कुछ अज्ञात लोग सफेद ईको कार में ले गए। इलाके के विधायक प्रदीप परमार ने कहा कि बकरी काफी बड़ी साइज की थी और पीड़िता परिवार इसे अपने बेटे की शादी के दौरान बेचने की योजना में था। विधायक परमार ने बताया, ‘बकरी चोरी हो गई, मुझे इस बात की जानकारी मिली। मैंने पुलिस से बात की लेकिन परिवार को जानकारी मिली कि बकरी को ट्रेन के गार्ड कोच में मुंबई ले जाया जा रहा है।’

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इसके बाद रेलवे पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई और सूरत में बकरी को बरामद कर लिया गया। इसके बाद परिवार बकरी को सूरत से वापस अहमदाबाद लाया गया। विधायक ने कहा, ‘मैंने बकरी की तलाश में मदद इसलिए की क्योंकि परिवार बेहद गरीब था और बकरी की कीमत करीब 80 हजार रुपये थी। एक गरीब परिवार के लिए 80 हजार रुपये बहुत होते हैं, इसलिए मैं बकरी की तलाश में जुटा।’

वहीं, बकरी की मालकिन मधुबेन केसाभाई ने कहा, ‘विधायक प्रदीप परमार की मदद के बाद हम बकरी को सूरत से अहमदाबाद लाए। हालांकि, वापस लाने के बाद हमने पाया कि इसके कान में कुछ निशान हैं जो हमारी बकरी में नहीं थे। हमने तुरंत मेघानीनगर पुलिस स्टेशन संपर्क किया और बकरी लौटा दी। बकरी जब हमारी नहीं थी तो कैसे रख सकते हैं।’ इसके बाद, बकरी के असली मालिक ने पूरे दस्तावेज पुलिसवालों को दिखाए और बकरी वापस ले गया।

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