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मतगणना आज-गुजरात के फैसले से पहले ईवीएम पर उठे सवाल

अमदाबाद की एक कंपनी द्वारा 140 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों द्वारा 5000 ईवीएम मशीन के सोर्स कोड से हैकिंग की तैयारी है।

Author अहमदाबाद/नई दिल्ली | December 18, 2017 1:45 PM
गुजरात चुनाव 2017: राहुल गांधी और पीएम मोदी। (फाइल फोटो)

दो राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना की पूर्वसंध्या पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की वैधता को लेकर जमकर सवाल उठाए गए। गुजरात में कांग्रेस का साथ दे रहे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर दावा किया कि भाजपा ने जीतने के लिए पांच हजार ईवीएम को हैक कराने का इंतजाम कर रखा है।  पटेल के ट्वीट के बाद ईवीएम जंग तीखी हो गई है। इसमें कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत, सपा नेता अखिलेश यादव, बसपा की मायावती समेत कई कूद पड़े हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने जवाब देने के लिए अमदाबाद में अपने प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी को मैदान में उतारा। इस बीच, सूरत में ईवीएम की संभावित हैकिंग व उससे छेड़छाड़ की शिकायत पर एक स्थानीय कॉलेज में वाई-फाई सेवा रोक दी गई। मतगणना के लिए ईवीएम को इस कॉलेज में रखा गया बाकी पेज 8 पर था। गुजरात के पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के पटेल ने अपने ट्वीट में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ईवीएम में गड़बड़ी कर गुजरात का चुनाव जीत जाएगी और हिमाचल प्रदेश में हारेगी। गुजरात में जीतने के लिए हिमाचल इसलिए हारेगी, ताकि कोई ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि अगर गड़बड़ी नहीं कर पाई तो गुजरात में उसे महज 82 सीटें मिलेंगी। उनका दावा है कि अमदाबाद की एक कंपनी द्वारा 140 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों द्वारा 5000 ईवीएम मशीन के सोर्स कोड से हैकिंग की तैयारी है। हार्दिक ने कहा, सनगर, पाटन, राधनपुर, टंकारा, ऊंजा, वाव, जेतपुर, राजकोट- 68, 69, 70, लाठी-बाबरा, छोटाउदेपुर, संतरामपुर, सांवली, मांगरोल, मोरवाहड़फ, नादोद, राजपीपला, डभोई और खास करके पटेल और आदिवासी इलाके की विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम सोर्स कोड से हैकिंग की कोशिश हुई है।

अन्य एक ट्वीट में हार्दिक ने कहा, ‘मेरी बातों पर सिर्फ हंसी आएगी लेकिन विचार कोई नहीं करेगा। भगवान के द्वारा बनाए गए हमारे शरीर में छेड़छाड़ हो सकती है तो मानव के द्वारा बनाई गई ईवीएम मशीन में क्यों छेड़छाड़ नहीं हो सकती!! एटीएम हैक हो सकते हैं तो ईवीएम क्यूं नहीं!!!’ हार्दिक के इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए अमदाबाद की जिलाधिकारी अवंतिका सिंह ने कहा है, ‘ये सारे आरोप निराधार हैं और मुझे नहीं लगता इन पर किसी तरह की सफाई देने की जरूरत है। इन पर अगर कोई स्पष्टीकरण दिया भी जाता है, तो चुनाव आयोग द्वारा दिया जाएगा।’ गौरतलब है कि इससे पहले हार्दिक और कांग्रेस के नेताओं ने वीवीपैट से मतों के मिलान की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने की कांग्रेस की मांग ठुकरा दी थी। इस पर हार्दिक ने कहा था कि मतों का मिलान नहीं हो सकता तो वीवीपैट का मतलब ही क्या रह जाता है। विपक्ष के हमलों के जवाब में भाजपा ने अमदाबाद में अपने प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी को आगे किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव जीतेगी और कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले राहुल गांधी को गुजरात कांग्रेस के नेता बतौर उपहार ‘चुनावी हार’ देंगे। मतगणना से पूर्व पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक के बाद वाघाणी ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस हार से पहले बहानेबाजी करते हुए ईवीएम पर इसके लिए ठीकरा फोड़ने की तैयारी कर रही है।

इस बीच, सूरत से मिली खबरों के अनुसार, गुजरात की कामरेज विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अशोक जरीवाला की शिकायत के बाद अठवा लाइंस इलाके में स्थित गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में वाई-फाई सेवा रोक दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां ईवीएम को रखा गया था, वहां (कॉलेज में बने) स्ट्रॉन्ग रूम के पास एक वाई-फाई नेटवर्क उपलब्ध था। इस नेटवर्क के जरिए ईवीएम की हैकिंग और छेड़छाड़ की शंका उन्होंने जताई। उनकी शिकायत पर सूरत के कलक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र पटेल ने परिसर में वाई-फाई सेवा पर रोक लगाने के आदेश दिए। कलेक्टर ने कहा- वाई-फाई सेवा कॉलेज की है और छात्रों के लिए है। लेकिन उनके संदेह को दूर करते हुए रोक लगाने के आदेश दिए गए।

 

 

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