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विजय रूपानी के एक और मंत्री हुए बागी! बोले- पाटीदार नेता को पूछकर दिया विभाग तो मुझे क्यों नहीं?

सोलंकी ने कहा है कि उन्हें मत्स्य विभाग दिया गया है। इस विभाग के जरिए वो समाज के लोगों का कल्याण नहीं कर सकते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में राज्‍यपाल (मध्‍य में) के साथ मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी (दाएं) और उप-मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल। (Photo: PTI)

गुजरात में भले ही बीजेपी ने छठी बार सरकार बना ली हो मगर मुख्यमंत्री विजय रुपानी की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं। मनचाहा विभाग न मिलने से पहले तो उनके उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल नाराज हुए। अब दूसरे मंत्री भी बागी हो गए हैं। राज्य के मत्स्य उद्योग मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी ने अतिरिक्त विभाग देने की मांग की है। सोलंकी पांच बार से विधायक हैं और कोली समाज के नेता हैं। सूत्रों के मुताबिक सोलंकी ने सवाल उठाया है कि जब पाटीदार समाज के नेता (नितिन पटेल) को मनचाहा विभाग मिल सकता है, वह भी उनसे पूछकर तो उन्हें क्यों नहीं मिल सकता है?

सोलंकी ने कहा है कि उन्हें मत्स्य विभाग दिया गया है। इस विभाग के जरिए वो समाज के लोगों का कल्याण नहीं कर सकते हैं। उनका विभाग मूलत: कुछ तटीय जिलों में ही कारगर है, जबकि उनके समाज के लोग उनसे कल्याण की अपेक्षा रखते हैं। सोलंकी ने कहा है कि अगर उन्हें कोई और बड़ा विभाग नहीं मिलता है तो उनके समाज के लोग उनसे नाराज हो सकते हैं। अब पार्टी सोलंकी से कैसे निपटती है। यह देखना दिलचस्प होगा। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी अब दबाव में नहीं आएगी।

बता दें कि सोलंकी से पहले राज्य के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल वित्त, शहरी विकास और पेट्रोकेमिकल विभाग नहीं मिलने से नाराज हो गए थे। उन्होंने विभाग जाकर कामकाज नहीं संभाला था लेकिन बाद में पार्टी आलाकमान का फोन आने के बाद उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया और उन्हें वित्त मंत्रालय भी दे दिया गया। पहले सीएम रुपानी ने यह विभाग सौरभ पटेल को दे दिया था लेकिन विद्रोह करने के बाद फिर सौरभ पटेल से लेकर वित्त विभाग नितिन पटेल को दे दिया गया था। सोलंकी भी चाहते हैं कि उन्हें मत्स्य उद्दोग के अलावा कोई बड़ा विभाग भी दिया जाय।

बता दें कि राज्य में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, उसके बावजूद विकास और सामाजिक कल्याण की दुहाई देकर मंत्री मलाईदार विभागों की मांग कर रहे हैं। सोलंकी पहले भी इस विभाग के मंत्री रह चुके हैं और उन पर ठेके देने में गड़बड़ी करने के आरोप लग चुके हैं।

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