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ऊना में दलित नेता की धमकी- गंदा काम छोड़ने के बदले दो पांच एकड़ जमीन, नहीं तो होगा रेल रोको आंदोलन

दलित नेता जिग्‍नेश मेवानी ने 6000 लोगों को संबोधित करते हुए यह चेतावनी दीी। इस सभा में राजकोट, भावनगर, बोटाड, अहमदाबाद और सानंद जिलों के लोग शामिल हुए।

Author ऊना | August 15, 2016 9:07 PM
10 दिवसीय दलित अस्मिता यात्रा के समाप्ति के मौके पर ऊना में सोमवार को दलित परिवारों को पांच एकड़ जमीन देने की मांग की गई। (Photo:PTI)

10 दिवसीय दलित अस्मिता यात्रा के समाप्ति के मौके पर ऊना में सोमवार को दलित परिवारों को पांच एकड़ जमीन देने की मांग की गई। इस मांग के संबंध में चेतावनी भी दी गई कि अगर एक महीने में इस माना नहीं गया तो रेल रोको प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। दलित नेता जिग्‍नेश मेवानी ने 6000 लोगों को संबोधित करते हुए यह चेतावनी दी। इस सभा में राजकोट, भावनगर, बोटाड, अहमदाबाद और सानंद जिलों के लोग शामिल हुए। मेवानी ने कहा, ”भाजपा और संघी लंबे समय से गाय के नाम पर राज कर रहे हैं। वे दिन अब गुजर गए हैं। आइए संकल्‍प लें कि हम जानवरों के शव उठाने, गटर में उतरने और दलितों पर थोपे गए सभी गंदे काम नहीं करेंगे। हमें केवल पांच एकड़ जमीन चाहिए।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दलितों की सुरक्षा के आश्‍वासन का जिक्र करते हुए मेवानी ने कहा, ”यदि आपको वास्‍तव में ही इतना दर्द महसूस हुआ तो थानगढ़ में तीन दलितों की हत्‍या नहीं हुई होती।”

मेवानी ने कहा, ”यह दलितों के सम्‍मान और अस्मिता की लड़ाई है। अब संयम खत्‍म हो चुका है और अब हमें उन हथियारों को तोड़ देना चाहिए जो हम पर ताने जाते हैं।” इस दौरान जेएनयू छात्रसंघ अध्‍यक्ष कन्‍हैया कुमार, रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला भी मौजूद थीं। इस दौरान ऊना में पिटाई के शिकार हुए बाबू सर्वेया भी मौजूद थे। उन्‍होंने कहा कि जब तक न्‍याय नहीं मिले तब तक लड़ाई जारी रहनी चाहिए। यह लड़ाई शांतिपूर्ण होनी चाहिए। गौरतलब है कि गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना में पिछले दिनों सात दलित युवकों की सरेआम पिटाई की गई थी। इन्‍हें एक मृत गाय की खाल उतारने पर पीटा गया था। इस घटना के बाद दलित सड़कों पर उतर आए।

कन्‍हैया कुमार ने भी लोगों को संबोधित किया। जब उन्‍होंने बोलना शुरू किया तो लोगों ने काफी चीयर किया। उन्‍होंने कहा, ” आज लाल किले से बड़े-बड़े दावे किए गए। मैं आपसे कहना चाहता हूं कि यह मोदी का देश नहीं है। यह साधारण लोगों का देश है। इस भीड़ ने गुजरात मॉडल का पर्दाफाश कर दिया है। हम ब्राह्मणवाद से आजादी चाहते हैं।”

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