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गुजरात: 46 लोगों की भीड़ पर दलित की हत्या का आरोप, पंचायत की जमीन पर कब्जे का था मामला

जिन लोगों पर राम की हत्या का आरोप है और गांव के बाकी कुछ लोग भी कह रहे हैं कि यह जमीन पर कब्जा करने का तरीका है।
Author पोरबंदर | July 9, 2016 07:37 am
राम के परिवार की फोटो।

गुजरात के सोधाना गांव में ऊंची जाति(मीर) के 46 लोगों पर एक दलित को जमीन के लिए मार देने का आरोप है। जिस शख्स की मौत हुई है उसका नाम राम सिंहारिया है। वह गुजरात के सोधाना में खेती करता था। राम को बुधवार (6 जुलाई) को जख्मी हालत में राजकोट के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां पर उसकी मौत हो गई। अब परिवार वालों ने बॉडी ना उठाने के बाद वहां पर हंगामा किया हुआ है। उनकी मांग है कि वह राम को उसी जगह पर जलाना चाहते हैं जहां पर वह खेती करता था।

जिन लोगों पर उसकी हत्या का आरोप है और गांव के बाकी कुछ लोग कह रहे हैं कि यह जमीन पर कब्जा करने का तरीका है। दरअसल, जिस जमीन पर राम खेती करता था वह गौचर भूमि है। वह जमीन कुल 2,400 बीघे की है। इसमें से 190 बीघे सरकार की है और बाकी गांव की पंचायत की। राम की हत्या के आरोपी लोगों में गांव का सरपंच भी शामिल है। गांव के लोगों का कहना है कि राम के परिवार वाले पहले उसे राम को वहां पर जलाएंगे फिर वहां एक मंदिर बनाएंगे फिर एक पार्क और फिर पंचायत की जमीन को ही कब्जा लेंगे।

राम के परिवार वालों का कहना है कि वह पिछले 15 सालों से उस जमीन पर खेती कर रहा था इसलिए वह उसकी बॉडी को वहीं जलाना चाहते हैं। राम की बड़ी बहन ने कहा, ‘मेरे पिता और भाई कन्नू भी इस जमीन के लिए लड़ते हुए मर गए और अब राम ने जमीन के लिए अपनी जान दे दी। उन लोगों ने उसको टुकड़ों में काट दिया, कोई भी बचाने के लिए नहीं आया क्योंकि सबको सरपंच से डर लगता है।’

इस मामले में पुलिस ने प्रभात, लाखू, निलेश नाम के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। भीड़ को बढ़ावा देने का आरोप सरपंच हरभम पर है। वह फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। गांव के सहायक सरपंच रंजीत का कहना है, ‘जब किसी ने वह जमीन कब्जाने के बारे में नहीं सोचा तो फिर राम ने ऐसा क्यों किया।’

यह गांव पोरबंदर से 30 किलोमीटर दूर है। गांव में तकरीबन 8 हजार लोग रहते हैं। इसमें से 300 परिवार दलितों के हैं जो मीर जाति के लोगों के खेतों में मजदूरी करते हैं।

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