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गुजरात छोड़ भाग रहे यूपी, बिहार, एमपी के लोगों की आपबीती- रात में धावा बोल रहे, मकान मालिक ने कहा- घर खाली करो

गुजरात पुलिस के अनुसार, प्रवासियों खासकर यूपी और बिहार के लोगों को निशाना बनाने के आरोप में गांधीनगर, अहमदाबाद, सबरकांठा, पाटन और मेहसाणा से कम से कम 180 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

Author अहमदाबाद | Updated: October 8, 2018 10:24 AM
gujarat, up bihar migrantsअहमदाबाद छोड़कर जाते उत्‍तर प्रदेश, बिहार और मध्‍य प्रदेश के प्रवासी। (Express Photo by Javed Raja)

अहमदाबाद और पड़ोसी जिलों से हिन्‍दी बोलने वाले कई प्रवासी पलायन कर रहे हैं। सालों से गुजरात में रह रहे उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और बिहार के यह लोग भीड़ के डर से भाग रहे हैं। यह गुस्‍साई भीड़ 14 वर्षीय बच्‍ची से दुष्‍कर्म के बाद, ‘गैर-गुजरातियों’ पर हमले कर रही है। अहमदाबाद के चाणक्‍यपुरी फ्लाईओवर के नीचे बस का इंतजार कर रहे कुछ प्रवासियों ने कहा कि कई मकान मालिकों ने घर खाली करने को कह दिया था। गुजरात पुलिस के अनुसार, प्रवासियों खासकर यूपी और बिहार के लोगों को निशाना बनाने के आरोप में गांधीनगर, अहमदाबाद, सबरकांठा, पाटन और मेहसाणा से कम से कम 180 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वापस जाने के लिए बस का इंतजार कर रही मध्‍य प्रदेश के भिंड जिले में रहने वाली राजकुमारी जाटव बताती हैं, ”मेरे बच्‍चे गली में बाहर खेल रहे थे जब भीड़ ने गुरुवार (4 अक्‍टूबर) को हमला किया। वे अभी तक सदमे में हैं। मैं अपने चार साल के बच्‍चे को डॉक्‍टर के पास ले गई ताकि वह शांत हो जाए।” राजकुमारी के तीन बच्‍चे और उसका पति, अहमदाबाद के चांदलोदिया इलाके में स्थित प्रवासियों की कॉलोनी, महादेव नगर में रहते हैं। उनके कई पड़ोसी भी राज्‍य छोड़कर जा रहे हैं।

भिंड में ही रहने वाले धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में यूपी, बिहार और मध्‍य प्रदेश के करीब 1,500 लोग गुजरात छोड़कर चले गए हैं। कुशवाहा के अनुसार, नकाब पहने कुछ लोगों ने उससे कहा कि ‘सुबह 9 बजे से पहले गुजरात छोड़ दे’ वर्ना वह मारा जाएगा। शनिवार (6 अक्‍टूबर) को खचाखच भरीं करीब 20 बसें यहां से यूपी, एमपी और बिहार के लिए रवाना हुईं।

42 वर्षीय ठेकेदार कृष्‍णाचंद शर्मा ने कहा, ”मैं पिछले 22 साल से अहमदाबाद में रहा हूं, याद नहीं आता कि ऐसे हालात पहले देखे हों। हिन्‍दू-मुस्लिम दंगे हुए हैं मगर ऐसा कुछ कभी नहीं हुआ। खबर फेसबुक और व्‍हाट्सएप के जरिए जंगल में आग की तरह फैली जो कि अब सबके फोन में मौजूद है।”

गांधी नगर में पेंटिंग का काम करने वाले मंजू सिंह ने कहा कि उनकी बाइक गुरुवार शाम रोकी गई। सिंह ने बताया, ”7 लोगों ने मुझसे पूछा कि मैं कहां से हूं। मन में सोचा कि झूठ बोलना चाहिए, इसलिए मैंने कहा कि मैं राजस्‍थान से हूं। जब उन्‍होंने और पूछताछ की तो मैंने एक जिले का नाम बताया। उन्‍होंने तभी मुझे जाने दिया जब वह संतुष्‍ट हो गए कि मैं यूपी, एमपी या बिहार से नहीं हूं। मेरे जाने के फौरन बाद, उसी जगह पर उन्‍होंने एक गाड़ी को आग लगा दी।

28 सितंबर को जिस बच्‍ची से बिहार के शख्‍स ने कथित तौर पर बलात्‍कार किया, उसे शनिवार को अस्‍पताल से छुट्टी दे दी गई। उसकी हालत खतरे से बाहर है। आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि वो हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कोई प्रवासियों पर हमला न कर सके।

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