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गुजरात दंगा: पूर्व सरकारी अधिकारी ने कहा- कारसेवकों के शव VHP नेता को सौंपने के मिले थे निर्देश

2002 नरोदा गाम दंगे केस में एक पूर्व अधिकारी ने कहा है कि उसे गोधरा कांड में जलाकर मार दिए गए कारसेवकों के शव विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को देने के लिए उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था।
2002 गुजरात दंगे की फाइल फोटो (Express archive)

2002 नरोदा गाम दंगे केस में एक पूर्व अधिकारी ने कहा है कि उसे गोधरा कांड में जलाकर मार दिए गए कारसेवकों के शव विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को देने के लिए उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था। गुजरात 2002 दंगो के समय एम एल नाल्वया गोधरा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट थे। उन्होंने बीते बुधवार (28 जून) को कहा कि अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आदेश मिलने के बाद, कारसेवकों के शवों को विश्व हिंदू परिषद के नेता जयदीप पटेल को सौंपने के लिए एक पत्र तैयार किया था। एम एल नाल्वया ने यह बात 2002  नरोदा गाम दंगे केस में एक कोर्ट में सुनवाई के दौरान कही।

नाल्वया ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने मौका-ए-वारदात (2002 गोधरा ट्रेन कांड) पर पहुंच कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में मारे गए कारसेवकों के शवों का नीरिक्षण किया और बाकी सभी औपचारिक्ताएं भी पूरी की। उन्होंने एक पत्र भी लिखा जिसमें शवों को अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल से जयदीप पटेल को सौंपने के बारे में लिखा गया था। एसआईटी को नाल्वया ने बताया था कि पत्र उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से आदेश मिलने के बाद लिखा। उन्होंने आगे कहा, “पत्र पर जयदीप द्वारा साइन नहीं किए गए थे और वो किसी और को सौंपा जा चुका था।” उन्होंने यह दावा भी किया कि वह जयदीप पटेल को पहले से नहीं जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे।

वहीं एसआईटी के मुताबिक, पत्र पर किसी के भी हस्ताक्षर नहीं है जिससे यह पता चल सके कि शवों को किसी ने बरामद किया था। गोधरा कांड (साबरमती एक्सप्रेस) में मारे गए लोगों के शवों को गोधरा से अहमदाबाद लाया गया जहां एक सभा कर उन्हें उनके परिजनों को सौंपा गया था। बता दें साबरमती एक्सप्रेस में कारसेवकों को जलाकर मार देने के बाद राज्य में कई जगह पर साम्प्रदायिक दंगे हुए थे। 2002 में ही नरोदा गाम दंगे भी हुए थे जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी। इस केस में लगभग 82 लोगों पर मुकदमा चल रहा है।

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