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गुजरात: राहुल गांधी से बंद दरवाजों के पीछे मिले दलित नेता मेवानी, मुलाकात के बाद किया यह बड़ा ऐलान

जिग्नेश मेवानी पिछले साल उना में दलितों की पिटाई की घटना के बाद उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करके चर्चा में आए थे।

Author नवसारी | November 4, 2017 2:02 PM
कांग्रेस को खुला समर्थन देने से बचते हुए मेवानी ने राहुल से मुलाकात के बाद कहा कि वह अपने समुदाय के सदस्यों से गुजरात चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को हराने के लिए कहेंगे। (Source: Express Photo/Bhupendra Rana)

गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और दावा किया कि विपक्षी पार्टी ने आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में उनकी 90 फीसदी से अधिक मांगों को शामिल करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस को खुला समर्थन देने से बचते हुए मेवानी ने राहुल से मुलाकात के बाद कहा कि वह अपने समुदाय के सदस्यों से गुजरात चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को हराने के लिए कहेंगे। 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में नौ और 14 दिसंबर को मतदान होगा। बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हम सबको सुनते हैं, चाहे वह जिग्नेश हो या हार्दिक (पाटीदार आंदोलन के नेता) या अल्पेश (ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर) और उनकी समस्याओं को सुनने के बाद काम करते हैं।’’

उन्होंने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरी तरफ भाजपा की दिलचस्पी लोगों को अपनी ‘मन की बात’ सुनाने में है। राहुल और मेवानी के बीच बैठक नवसारी के बाहरी इलाके में एक फार्महाउस में तकरीबन आधे घंटे तक चली। मेवानी पिछले साल उना में दलितों की पिटाई की घटना के बाद उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करके चर्चा में आए थे। उन्होंने गुजरात की भाजपा सरकार को दलित विरोधी करार दिया। बैठक के बाद मेवानी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उना की घटना के बाद से हमने कई आंदोलन चलाए और ज्ञापन सौंपे। इसके बावजूद इस मोटी चमड़ी वाली भाजपा सरकार, जो न सिर्फ दलित विरोधी बल्कि जनविरोधी भी है, उसने हमारे समुदाय की एक भी मांग पर विचार नहीं किया है। उन्होंने हमसे (हमारी मांगों के बारे) चर्चा की जहमत भी नहीं उठाई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के लोग भाजपा के इस अहंकार को खत्म कर देंगे।’’ मेवानी ने कहा कि दूसरी तरफ कांग्रेस दलित समुदाय की मांगों को सुनने को तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी (मेवानी और अन्य दलित नेताओं की) अपनी 17 मांगों पर राहुलजी के साथ विस्तृत चर्चा हुई। राहुलजी ने न सिर्फ हमें सुना, बल्कि कहा कि हमारी 90 फीसदी से अधिक मांगें हमारा संवैधानिक अधिकार हैं। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि हमारी ज्यादातर वैध मांगों को (गुजरात चुनाव के लिए) कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने समुदाय के सदस्यों को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए मतदान करने को कहेंगे तो मेवानी ने कहा, ‘‘मैं अपने समुदाय को भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं करने को कहूंगा।’’ मेवानी ने अपने समुदाय की 17 मांगों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष से चर्चा की। राहुल चुनाव प्रचार के लिए दक्षिण गुजरात के दौरे पर हैं। मेवानी की मांगों में दलितों को पांच एकड़ कृषि भूमि का आवंटन, पशुओं की खाल उतारने और मैला ढोने में शामिल लोगों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करना और सुरेंद्रगढ़ जिले के थानगढ़ में 2012 में समुदाय के सदस्यों पर गोलीबारी की घटना की जांच रिपोर्ट जारी करना शामिल है।

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