ताज़ा खबर
 

गुजरात: जिस विधायक पर 15 क्रिमिनल केस, उसे बनाया पुलिस कम्प्लेंट अथॉरिटी का सदस्य

जिला पुलिस शिकायत केन्द्र वह प्लेटफॉर्म है, जहां कोई भी व्यक्ति जाकर जिले के इंस्पेक्टर रैंक तक के किसी भी पुलिसकर्मी की शिकायत कर सकता है।

Author Edited By नितिन गौतम अहमदाबाद | Updated: August 25, 2020 9:56 AM
kandhal jadeja gujarat district police complaint authorityपोरबंदर के कुतियाना से एनसीपी विधायक कंधाल जडेजा। (वीडियो ग्रैब इमेज/यूटयूब)

गुजरात सरकार ने 26 जिलों में 46 विधायकों को डिस्ट्रिक्ट पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (जिला पुलिस शिकायत केन्द्र) का सदस्य बनाया है। बता दें कि यह अथॉरिटी गुजरात पुलिस एक्ट, 2007 के तहत राज्य के हर जिले में स्थापित की जाएगी। जिला पुलिस शिकायत केन्द्र में जिन विधायकों की नियुक्ति की गई है, उनमें जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम है, वो है एनसीपी के विधायक कंधाल जडेजा का। कंधाल जडेजा पोरबंदर जिले की कुतियाना विधानसभा से विधायक हैं।

गौरतलब है कि कंधाल जडेजा ‘गॉडमदर’ के नाम से मशहूर ‘संतोखबेन जडेजा’ के बेटे हैं और उनके खिलाफ 15 गंभीर किस्म के आपराधिक मामले दर्ज हैं। कंधाल जडेजा को पोरबंदर जिला पुलिस शिकायत केन्द्र का सदस्य बनाया गया है। उनके साथ ही भाजपा विधायक और गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री बाबू बोखिरिया का नाम भी शामिल है। गॉडमदर संतोखबेन जडेजा के सबसे बड़े बेटे कंधाल जडेजा पर बंदूक तानने, विस्फोटक रखने, रंगदारी मांगने, मार-पीट, फर्जीवाड़ा और कानून की हिरासत से भागने जैसे मामले आदि मामले दर्ज हैं।

जिला पुलिस शिकायत केन्द्र वह प्लेटफॉर्म है, जहां कोई भी व्यक्ति जाकर जिले के इंस्पेक्टर रैंक तक के किसी भी पुलिसकर्मी की शिकायत कर सकता है। गुजरात सरकार ने विधायकों की ये नियुक्तियां 19 अगस्त को की हैं। जिन विधायकों की नियुक्ति हुई हैं, उनमें विपक्षी पार्टी कांग्रेस के भी तीन विधायक हैं। इनमें जामनगर से विधायक विक्रम मदाम, गिर सोमनाथ से विधायक विमल चौदसामा और जूनागढ़ के विधायक भागाभाई बराड का नाम शामिल है।

कंधाल जडेजा के खिलाफ दर्ज मामलों में से 3 मामले मारपीट और दंगा भड़काने के आरोप में उनके विधायक रहते हुए दर्ज हुए हैं। 15 मामलों में से 10 केस पोरबंदर जिले में, तीन राजकोट में और दो अहमदाबाद शहर में दर्ज हैं।

बता दें कि गुजरात सरकार जिला पुलिस शिकायत केन्द्र अथॉरिटी के दो सदस्य विधानसभा सदस्यों में से नियुक्त कर सकती है। इस अथॉरिटी का चेयरमैन जिले के मौजूदा एसपी होंगे। वहीं डिप्टी एसपी अथॉरिटी के सचिव होंगे। एक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भी इस अथॉरिटी के सदस्य होंगे।

बता दें कि कंधाल जडेजा 1994 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय है। 1994 में जडेजा को गैरकानूनी हथियार रखने के मामले में आरोपी बनाया गया था। कंधाल जडेजा साल 1995 में प्रकाश मोढा और 2005 में केशु ओडेडरा मर्डर केस में भी ट्रायल का सामना कर चुके हैं। कंधाल जडेजा की पत्नी रेखा जडेजा की भी हत्या हो चुकी है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 दिल्ली: कोर्ट ने कहा- तबलीगी जमात के लोगों के खिलाफ सबूत नहीं, आठ को किया बरी
2 चुनाव से पहले बिहार में गुंडों के खिलाफ सख्त हुई पुलिस
3 COVID-19 पर गुजरात में फिर बिगड़े हालात! HC ने कहा- “ये काफी भयावह’
यह पढ़ा क्या?
X