गुजरात में मोरबी जिले के एक दूरदराज गांव में स्थित 18 फुट गहरे कुएं में पिछले पांच दिन से लगातार उठ रहीं रहस्यमयी लहरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस असामान्य घटना के पीछे किसी भी तरह की भूकंपीय गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
सोमवार को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के निदेशक बिजय कुमार दास के नेतृत्व में एक टीम ने वीरपराड़ा गांव में एक कुएं का निरीक्षण किया। टीम ने लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक अन्य कुएं की भी जांच की। जांच के निष्कर्षों पर एक रिपोर्ट तैयार करके मोरबी कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
इस अनोखी घटना को देखने के लिए ग्रामीणों, राहगीरों और राजमार्ग से गुजरने वाले लोगों की बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ जुट रही है। पिछले पांच दिनों से जारी इस घटना ने लोगों में कौतूहल पैदा कर दिया है। जिला भूवैज्ञानिक जे एस वढेर ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह घटना भूकंपीय गतिविधि से जुड़ी नहीं लगती। उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद भूजल इकट्ठा हो रहा है और चट्टानों के छोटे छेदों में फंसी हवा बाहर निकल रही है जिससे कुएं के पानी में लगातार हलचल हो रही है।
गांधीनगर से विशेषज्ञों की टीम जांच के लिए पहुंचेगी
वढेर ने बताया कि गांधीनगर स्थित भूकंप अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) से भी इस संबंध में परामर्श किया गया है जिसने पुष्टि की है कि संबंधित क्षेत्र में कोई एक्टिव फॉल्ट लाइन नहीं है। मोरबी के जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे ने कहा कि घटना की जानकारी राज्य सरकार को दे दी गई है और गांधीनगर से विशेषज्ञों की एक टीम जांच के लिए मौके पर पहुंचेगी।
जिस खेत में यह कुआं स्थित है, उसके मालिक प्राणजीवन सदारिया ने बताया कि उन्होंने 2 अगस्त को पहली बार यह असामान्य गतिविधि देखी। उन्होंने कहा, ‘‘रविवार को जब मैं खेत पर पहुंचा तो कुएं का पानी किनारों से बाहर निकल रहा था और तब से लगातार ऐसा ही हो रहा है।’’ सदारिया ने बताया कि इस कुएं का निर्माण लगभग तीन महीने पहले ही कराया गया था। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
(भाषा के इनपुट के साथ)
