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गुजरात के पूर्व सीएम केशुभाई पटेल का निधन, 6 साल पहले ले चुके थे राजनीति से संन्यास

केशुभाई पटेल पहले कोरोना से भी संक्रमित हो चुके थे। हालांकि, इस दिग्गज नेता ने कोरोना को मात दे दी।

gujarat, former cm, keshu bhai patel,गुजरात के पूर्व सीएम केशुभाई पटेल। (फाइल फोटो)

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने केशुभाई पटेल की मौत पर दुख व्यक्त किया है। सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री के परिवारवालों से बात की।

इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मालूम हो कि केशुभाई पटेल पहले कोरोना से भी संक्रमित हो चुके थे। हालांकि, इस दिग्गज नेता ने कोरोना को मात दे दी। उनके बेटे भरत पटेल ने बताया कि कोरोना से ठीक होने के बाद उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं चल रही थी। गुरुवार सुबह उन्होंने सांस लेने में तकलीफ होने की बात कही। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज सुबह तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर हम उन्हें अस्पताल से ले गए। डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं बच पाए।’’ केशूभाई पटेल ने फरवरी 2014 में सक्रिय राजनीति से संन्यास के संकेत दे दिए थे। उन्होंने विधायक के रूप में अपना इस्तीफा दे दिया था।

पटेल 92 वर्ष के थे। वह 1995 और फिर 1998 से 2001 के बीच राज्य के मुख्यमंत्री रहे। उनके बाद नरेन्द्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, 2001 में उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा। खास बात रही कि पटेल दोनों ही बार अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। केशुभाई पटेल गुजरात के उपमुख्यमंत्री भी रहे।

पटेल छह बार गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे। साल 2012 में भाजपा छोड़ने के बाद उन्होंने‘गुजरात परिवर्तन पार्टी’ बनाई, जिसने 2012 में राज्य के विधानसभा चुनाव में बेहद खराब प्रदर्शन किया। इसके बाद 2014 में उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया।

राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलिः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी ट्वीट कर दुख जताया। उन्होंने कहा, ‘‘ केशुभाई पटेल के निधन से, राष्ट्र ने एक महान नेता खो दिया। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित रहा, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। किसानों के हितों की रक्षा की, लोगों के साथ उनका अद्भुत संबंध था।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे प्रिय और माननीय केशुभाई के निधन से मैं बेहद दुखी हूं। वह एक बेहतरीन नेता थे, जिन्हें समाज के हर तबके की चिंता थी। उनका जीवन गुजरात के विकास और गुजरातियों को सशक्त बनाने की दिशा में समर्पित था

जूनागढ़ जिले के विसावदर शहर में 1928 में जन्मे पटेल 1945 में बतौर प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हुए। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बतौर जन संघ कार्यकर्ता के तौर पर की थी। पटेल ‘सोमनाथ ट्रस्ट’ के अध्यक्ष भी थे, जो सौराष्ट्र क्षेत्र में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का प्रबंधन करता है।

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