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गुजरात में गोमांस रखने पर तीन साल की कैद

गोमांस या गोमांस उत्पाद रखना, खरीदना, बेचना या कहीं लाने व ले जाने पर गुजरात में प्रतिबंध है।

Author सूरत | Published on: May 9, 2016 3:58 AM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

स्थानीय अदालत ने गोमांस रखने को लेकर एक व्यक्ति को तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। गणदेवी न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) सीवाई व्यास की अदालत ने यहां शुक्रवार को रफीक इलयासभाई खलीफा (35) को गुजरात पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011 की संबद्ध धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई और उस पर 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

गौरतलब है कि गोमांस या गोमांस उत्पाद रखना, खरीदना, बेचना या कहीं लाने व ले जाने पर गुजरात में प्रतिबंध है। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘गाय एक समुदाय की धार्मिक भावना से जुड़ी हुई है। इसलिए ऐसा कोई अपराध समाज की शांति को खतरा पहुंचाता है। यदि आरोपी को जेल की सजा दी जाती है तो यह अन्य लोगों के लिए ऐसा कोई अपराध करने से दूर रहने का एक उदाहरण पेश करेगा।’

उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से होने की बचाव पक्ष की दलील तर्कसंगत नहीं है। न्यायाधीश ने कहा, ‘यह न्यायोचित नहीं है कि सिर्फ इस आधार पर सजा की अवधि घटा दी जाए कि आरोपी एक कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से है और उसका परिवार उसी पर निर्भर है।’

सूरत जिले के गणदेवी तालुका निवासी रफी को आठ अक्तूबर 2014 को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया था जब गौ संरक्षण समूह के दो सदस्यों ने उसे 20 किलोग्राम गोमांस अपनी मोटरसाइकिल पर दो थैलों में ले जाते हुए पकड़ा था। गोमांस की कीमत करीब 4,000 रुपए आंकी गई थी। गणदेवी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी जिसने बाद में नमूने फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भेजा था जिसने इसके गोमांस होने की पुष्टि की थी। हालांकि, इसी मामले में गिरफ्तार किए गए एक अन्य आरोपी एवं कसाई हनीफ यूसुफभाई ममनीयात को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।

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