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सचिन और सिंधिया का उदाहरण दे हार्दिक पटेल ने गुजरात कांग्रेस में युवाओं का गुस्सा कराया शांत, बोले- सब्र कीजिए, मीठा फल मिलेगा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मौजूदा संघर्ष पर सवाल पूछने पर हार्दिक पटेल ने कहा कि क्योंकि कांग्रेस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में कम बहुमत से सरकारें बनाईं, ऐसे में में पार्टी पदाधिकारियों ने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को सीएम के रूप में राज्यों का प्रभारी बनाने का फैसला लिया था।

Author Translated By Ikram गांधीनगर | Updated: August 8, 2020 12:00 PM
gujarat congress working presidentगुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

गुजरात में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में पार्टी के युवा और वरिष्ठ नेताओं के बीच सत्ता के टकराव पर बोलते हुए कार्यकर्ताओं को सलाह दी है कि वो धैर्य रखें। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में कांग्रेस के युवा नेता ने कहा कि ‘राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें सरकार और संगठन में पद दिए बावजूद पार्टी के खिलाफ बगावत कर एक बड़ी गलती की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मौजूदा संघर्ष पर सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि क्योंकि कांग्रेस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में कम बहुमत से सरकारें बनाईं, ऐसे में में पार्टी पदाधिकारियों ने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को सीएम के रूप में राज्यों का प्रभारी बनाने का फैसला लिया था। उन्होंने ये भी संकेत दिया कि दोनों युवाओं को उनके पिता के निधन के बाद पार्टी ने पुरस्कृत किया था। बता दें कि सचिन पायलट कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेश पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया माधवराव सिंधिया के बेटे हैं।

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हार्दिक पटेल ने कहा, ‘जहां तक पायलट साहब (सचिन पायलट) और सिंधिया साहब (ज्योतिरादित्य सिंधिया) का सवाल है, जब इनके पिता का निधन हुआ तब दोनों को तुरंत संसद सदस्य का टिकट दिया गया। दोनों ने केंद्रीय मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। पायलट 25 साल की उम्र में सांसद बन गए। 30 साल की उम्र में वो केंद्रीय मंत्री बन गए। 35 साल की उम्र में वो प्रदेश कांग्रेस कमिटी (पीपीसी) के प्रमुख बन गए और 40 साल की उम्र में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री बन गए। उन्हें कोई समस्या क्यों होनी चाहिए? कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं युवा हूं और फिर भी कहूंगा और धैर्य और गंभीर होना जरुरी है। जिनके पास धैर्य और गंभीरता नहीं है वो जल्दबाजी में या तो गलती करते हैं या फिर किसी के द्वारा गुमराह हो जाते हैं। जब मैं कांग्रेस में शामिल हुआ, मेरे पास कोई पद नहीं था। कई लोग मुझे कांग्रेस के खिलाफ आगाह कर रहे थे। लेकिन मैंने धैर्य रखा, गंभीर रहा और हमारे नेता में विश्वास था। पायलट साहब और सिंधिया साहब मुझसे बहुत वरिष्ठ हैं और मैं उन्हें सलाह नहीं दे सकता। मगर मैं युवा कार्यकर्ताओं को कहूंगा की कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है, जहां कोई कार्यकर्ता पार्टी के लिए काम करने के बाद मीठा फल पाता है।’

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