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Mumbai: सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के घर पहुंची ATS, ली गयीं हिरासत में

2002 के गुजरात दंगों में एसआईटी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई क्लीन चिट को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखने के बाद, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ को गुजरात दंगों के बारे में निराधार जानकारी प्रदान करने के लिए फटकार लगाई थी।

Teesta Setalvad| gujarat ats|
गुजरात ATS ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को लिया हिरासत में (Photo Source- ANI)

सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के घर शनिवार (25 जून 2022) को ATS की टीम पहुंची। गुजरात एटीएस की टीम तीस्ता सीतलवाड़ के मुंबई स्थित आवास पर उनके एनजीओ पर एक केस के सिलसिले में पहुंची। एटीएस की टीम शनिवार दोपहर सीतलवाड़ के मुंबई स्थित घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर सांताक्रूज पुलिस स्टेशन ले गई।

वहीं, तीस्ता सीतलवाड़ के वकील विजय हिरेमठ ने आरोप लगाया कि गुजरात एटीएस ने तीस्ता के साथ मारपीट की। मीडिया से बात करते हुए विजय हिरेमठ ने कहा, “हमें सूचित नहीं किया गया था। वे तीस्ता के घर में घुसे, उन्होंने उनके साथ मारपीट की और उन्हें ले गए।” उन्होंने कहा कि पुलिस आईपीसी की धारा 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) और 471 (फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग करना) के तहत आरोप लगा रही है।

वहीं, गुजरात पुलिस ने शनिवार को रिटायर्ड डीजीपी आरबी श्रीकुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस निरीक्षक डीबी बराड की शिकायत के आधार पर, अपराध शाखा (डीसीबी) ने श्रीकुमार और बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ जालसाजी, साजिश और आईपीसी की अन्य धाराओं में एफ़आईआर दर्ज की।

अमित शाह ने लगाया आरोप: इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में तीस्ता सीतलवाड़ पर 2002 के गुजरात दंगों के बारे में पुलिस को आधारहीन जानकारी देने का आरोप लगाया था। अमित शाह ने कहा, “मैंने फैसले को बहुत ध्यान से पढ़ा है। फैसले में स्पष्ट रूप से तीस्ता सीतलवाड़ के नाम का उल्लेख है। उनके एनजीओ ने पुलिस को दंगों के बारे में आधारहीन जानकारी दी थी।” गृहमंत्री ने कहा कि मुझे उनके NGO का नाम याद नहीं है।

लोग इनको ही सच मानने लगे: गुजरात दंगों को रोकने के लिए पुलिस और अधिकारियों के कथित कुछ न कर पाने के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि बीजेपी विरोधी राजनीतिक पार्टियां, कुछ विचारधारा के लिए राजनीति में आए पत्रकार और NGO ने मिलकर आरोपों का इतना प्रचार किया और इनका इकोसिस्टम इतना मजबूत था कि लोग इनको ही सच मानने लगे।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थी यात्रा: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2002 में हुए गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी रिपोर्ट के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने जकिया जाफरी द्वारा लगाए गए बड़ी साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि जाकिया की अर्जी में मेरिट नहीं है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने याचिकाकर्ता जकिया जाफरी की भावनाओं का शोषण किया है। जकिया दंगों में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एसआईटी की टीम तीस्ता सीतलवाड़ के घर पहुंची।

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