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Gujarat Assembly Election Rivaba Jamnagar North Seat: रिवाबा को हराने के लिए खूब मेहनत कर रहीं रवींद्र जडेजा की बहन

Jamnagar North Seat: गुजरात की जामनगर सीट से क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। रिवाबा ने शनिवार को जामनगर के लोगों से जुड़ने के लिए एक पदयात्रा की।

Gujarat Assembly Election Rivaba Jamnagar North Seat: रिवाबा को हराने के लिए खूब मेहनत कर रहीं रवींद्र जडेजा की बहन
Rivaba Jadeja: रिवाबा जडेजा ने निकाली पदयात्रा (Photo- Indian Express)

Rivaba Jadeja Padyatra: गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election) के लिए रिवाबा जडेजा (Rivaba Jadeja) ने गुजरात के जामनगर उत्तर (Jamnagar North) निर्वाचन क्षेत्र में शनिवार को पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा में रिवाबा एक चैती रंग की साड़ी और स्नीकर्स पहने हुए दिखाई दीं। रिवाबा को उम्मीद है कि वो यहां से चुनाव जीतेंगी। मूल रूप से राजकोट की रहने वाली रिवाबा जडेजा को लोग क्रिकेटर रविंद्र जडेजा (Cricketer Ravindra Jadeja) की पत्नी के तौर पर जानते हैं। रिवाबा जामनगर में बीजेपी (BJP) के टिकट पर मैदान में हैं लेकिन वहां के लोग उन्हें बाहरी मान रहे हैं, रिवाबा लगातार इस विधानसभा क्षेत्र में दौरे कर इस टैग को हटा कर अपनी पहचान बनाने में जुटी हैं।

दिग्गज कांग्रेस नेता बिपेंद्र सिंह जडेजा (Bipendra Singh) के खिलाफ मैदान में हैं रिवाबा (Rivaba Jadeja)

रिवाबा कांग्रेस के दिग्गज नेता बिपेंद्र सिंह जडेजा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी, जिनका कैंपेन मैनेजमेंट रविंद्र जडेजा की बहन और कांग्रेस महिला विंग की प्रमुख नैना जडेजा कर रहीं हैं। नैना जडेजा रिवाबा की ननद और उनकी बहुत अच्छी मित्र भी हैं। वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से इस सीट पर करसन करमूर मैदान में हैं। कैमूर पहले भारतीय जनता पार्टी में थे, पिछले साल उन्होंने बीजेपी छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली थी।

2017 में धर्मेंद्र जडेजा (Dharmendra Jadeja) ने रिकॉर्ड 41 हजार वोटों से जीता था चुनाव

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के धर्मेंद्र सिंह जडेजा (हकूबा) को 59 फीसदी वोट मिले थे और उन्होंने ये चुनाव रिकॉर्ड 41 हजार वोटों से जीता था। अब उनकी जगह लेने वाली रिवाबा जडेजा के लेने के बाद उन्हें जामनगर उत्तर और जामनगर दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों का प्रभारी बनाया गया है। रिवाबा के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी पारिवारिक संपत्ति 97 करोड़ रुपये की है। रिवाबा हकूबा की अनुपस्थिति से अनजान हैं और आत्मविश्वास से आवासीय कॉलोनियों की गलियों में जनता से मिलने जाती हैं।

स्थानीय लोगों से की रिवाबा (Rivaba Jadeja) ने मुलाकात

रिवाबा बहुत मुश्किल से क्षेत्र की जनता से बातचीत कर पारी हैं इनमें से ज्यादातर लोगों की बातों को वो मुस्कुराहट तक सीमित रखती हैं। कुछ वोटर पीछे हट जाते हैं तो कुछ उनकी उपेक्षा भी करते हैं और पूछते हैं कि क्या वो हकूबा का चुनाव प्रचार कर रहीं हैं। पार्टी के कार्यकर्ता बलभद्र सिंह जडेजा बताते हैं, “हकूबा के विपरीत स्थानीय लोग रिवाबा को अच्छी तरह से नहीं जानते। शहर से उसकी एकमात्र कड़ी रवींद्र जडेजा हैं। हम आने वाले चुनावों में जीत के प्रति आश्वस्त हैं, लेकिन जीत का अंतर पिछले चुनाव की तुलना में कम होने की उम्मीद है।”

क्षत्रिय समुदाय (Kshatriya Community) के लोगों से मिली रिवाबा जडेजा (Rivaba Jadeja)

रिवाबा की पद यात्रा का नेतृत्व दो लोग ढोल पीटते हुए करते हैं इस दौरान कुछ स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकलते हैं और रिवाबा को माला पहनाते हैं। इस दौरान रिवाबा के स्वागत की तस्वीरें क्लिक कर ली जाती हैं। रिवाबा इस दौरान स्थानीय जनता और वोटरों से जुड़ने की पूरी कोशिश करती हैं वो बच्चों को चॉकलेट देती हैं और उनके साथ सेल्फी क्लिक करती हैं। रिवाबा को इस इलाके के क्षत्रिय समुदाय के लोग मिलने आते हैं वो रिवाबा को देखते ही पहचान लेते हैं।

जनता (Local People) ने किया रिवाबा से सवाल (Questioned from Rivaba Jadeja)

रिवाबा को माला पहनाने वाली निवासियों में से एक उषा शुक्ला कहती हैं, ‘मैं पीएम मोदी की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं और मैं उनके लिए अपने बेटे और पति से लड़ सकती हूं।’ इस पर रिवाबा मुस्कुराते हुए उनसे कहती हैं कि “कृपया बीजेपी को वोट दें।” वहीं इसके बाद यादव नगर में कुछ नाराज महिलाएं बीजेपी उम्मीदवार और उनके काफिले से भिड़ जाती हैं। उनमें से एक ने सवाल पूछा, “पिछले दो वर्षों से नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं। आप लोग पांच साल में एक बार वोट मांगने आते हैं।” लेकिन रीवाबा पूछताछ करने के लिए नहीं रुकती।

रिवाबा (Rivaba) एक बाहरी प्रत्याशी हैः कांग्रेस उम्मीदवार बिपेंद्र सिंह (Bipendra Singh)

कांग्रेस उम्मीदवार बिपेंद्रसिंह ने अपने नामांकन के बाद से आधे निर्वाचन क्षेत्र को पैदल यात्रा करने का दावा किया है। उन्होंने कहा, “रीवाबा एक बाहर से आई हुई उम्मीदवार है और यह मेरे लिए इस चुनाव में फायदे की बात है। मैं स्थानीय प्रत्याशी हूं मैं अपने घर-घर प्रचार के दौरान सात से 10 किलोमीटर पैदल चलता हूं। मेरे साथ कोई और नहीं बल्कि नैना जडेजा हैं। उन्होंने आगे कहा, “दूसरी बात, जामनगर उत्तर में 34 प्रतिशत मतदाता 30 साल से कम उम्र के हैं और उन्होंने बीजेपी को अपने वादों से चूकते देखा है। इन्हीं वोटरों का समूह मुझे चुनाव जितवाएगा।” पेशे से व्यवसायी बिपेंद्र सिंह 32 साल से पार्टी से जुड़े हुए हैं और जामनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष हैं।

जामनगर उत्तर सीट (Jamnagar North Seat) पर 2.61 लाख वोटर (Voter)

जामनगर उत्तर सीट पर 2.61 लाख से अधिक मतदाता हैं और यह जामनगर नगर निगम, नवगाम घेड और जामनगर बंदरगाह क्षेत्र के 16 वार्डों में से 14 में फैला हुआ है। यहां एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान होगा। जबकि क्षत्रिय निर्वाचन क्षेत्र में 30,000 मतदाता हैं, अल्पसंख्यक 40,000 मतदाताओं के साथ सबसे बड़ा हिस्सा हैं। अनुसूचित जाति (एससी) के मतदाता लगभग 19,000 मजबूत हैं जबकि पाटीदार मतदाताओं की संख्या 17,000 है।

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First published on: 21-11-2022 at 09:38:56 am
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