निक्की भाटी हत्याकांड में देशभर में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दहेज के लिए कथित तौर पर जिस निर्मम तरीके से नोएडा की बेटी की हत्या की गई थी, उसने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। हालांकि, अब मामले के 9 महीने बीत जाने के बाद मृतका के परिजनों ने बड़े यू-टर्न लिए हैं, जिससे मामले की जांच की दिशा बदल गई है। यहां तक कि घटनास्थल पर मौजूद मृतका की बहन के बयानों में भी विसंगतियां आ गई हैं।
निक्की भाटी की बीते साल 21 अगस्त को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था। आरोप था कि निक्की को उसके पति विपिन भाटी और सास दया भाटी ने ज्वलनशील पदार्थ छिड़क-कर आग के हवाले कर दिया था। घटना ग्रेटर नोएडा स्थित उनके घर पर हुई थी। मामले में पुलिस ने निक्की की बहन की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। दोनों बहनों की एक ही घर में शादी की गई थी।
इस घटना से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। कथित वीडियो में निक्की भाटी के जलने से पहले घर में तनावपूर्ण माहौल दिखाई दे रहा था। इन वीडियो के कारण घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था और न्याय की मांग तेज हो गई थी।
अब निक्की भाटी की मौत के नौ महीने बाद इस मामले में बड़ा मोड़ आया है। दहेज हत्या केस में आरोपित ससुराल पक्ष के साथ निक्की के परिवार ने समझौता कर लिया है। वहीं, मामले की प्रमुख गवाह रहीं निक्की की बहन कंचन भी अपने पुराने आरोपों से पीछे हट गई हैं।
ससुराल पक्ष से किया समझौता
मामले के सबसे बड़े यू-टर्न में निक्की के परिवार ने आरोपित ससुराल वालों से समझौता कर लिया है। निक्की के पिता भिखारी सिंह ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आरोपित परिवार ने निक्की के बेटे के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, “हां, समझौता हो गया है। उन्होंने अपनी संपत्ति निक्की के बेटे के नाम कर दी है।”
मुकर गईं प्रमुख गवाह कंचन
उत्तर प्रदेश सरकार के वकील के अनुसार, केस में नया मोड़ तब आया जब निक्की की बहन कंचन जिन्हें इस केस की सबसे अहम गवाह माना जा रहा था, करीब 20 दिन पहले नोएडा की स्थानीय अदालत में मुकर गईं। मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी।
शुरुआत में कंचन की शिकायत जांच का आधार बनी थी। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया था कि निक्की के पति विपिन भाटी और सास दया भाटी ने निक्की को आग लगाई, जबकि ससुर सतवीर और देवर रोहित ङी वहां मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा था कि बीच-बचाव करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
हालांकि, अदालत में दिए ताजा बयान में कंचन ने अपना पक्ष बदल दिया। सरकारी वकील ने कहा, “कंचन ने अदालत को बताया कि घटना के समय घर के अंदर कोई नहीं था। निक्की के पति विपिन, सास, ससुर और ननद घर के बाहर थे। फिलहाल सिर्फ उनका बयान दर्ज हुआ है।”
कंचन की शादीशुदा जिंदगी का सवाल
मामले में एक और अहम मोड़ कंचन के भविष्य से जुड़ा है। घटना के बाद कंचन अपने मायके रूपवास गांव में रह रही थीं, लेकिन अब वे अपने पति के साथ दादरी में नए घर में रहने जाएंगी। निक्की के पिता ने कहा, “कंचन की शादीशुदा जिंदगी में उसके ससुराल वाले कोई दखल नहीं देंगे।”
यू-टर्न से केस हुआ कमजोर
अदालत में बदलते बयानों का असर अब अभियोजन पक्ष पर भी पड़ रहा है। सरकारी वकील ने कहा, “हम केस लड़ते रहेंगे, लेकिन जब मुख्य गवाह ही पलट जाए तो मामला कमजोर पड़ जाता है।” वहीं, विपिन के वकील अमित भाटी ने पुष्टि की कि कंचन ने अदालत में बयान दर्ज कराया है और अब बचाव पक्ष जल्द ही जमानत की मांग करेगा।
उन्होंने कहा, “हम सबूतों के आधार पर केस लड़ रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट में विपिन की जमानत याचिका दाखिल करेंगे।” अब तक रोहित को 7 जनवरी, सतवीर को 28 जनवरी और दया को 13 फरवरी को जमानत मिल चुकी है। विपिन अभी भी लुक्सर जेल में बंद है।
पुलिस को समझौते की जानकारी नहीं
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच हुए समझौते की कोई आधिकारिक जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। अधिकारी ने कहा,
“उन्होंने समझौते को लेकर पुलिस को लिखित में कुछ नहीं दिया। हमने उनके आरोपों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। अब मामला अदालत और परिवारों के बीच है।”
गौरतलब है कि नोएडा पुलिस ने 22 अगस्त को एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया था कि विपिन और उसके परिवार वाले निक्की द्वारा अपना सलॉन दोबारा शुरू करने के खिलाफ थे। वे उसकी सोशल मीडिया एक्टिविटी, खासकर इंस्टाग्राम प्रमोशन से भी नाराज थे।
पुलिस ने विपिन, रोहित, सतवीर और दया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या), 115(2) (मारपीट) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया था। 24 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ के बाद विपिन को गिरफ्तार किया गया था। उसी शाम उसकी मां दया को भी पकड़ा गया, जबकि अगले दिन सतवीर और रोहित गिरफ्तार हुए। बाद में पुलिस ने 173 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चारों पर हत्या का आरोप लगाया।
हालांकि, चार्जशीट में यह भी कहा गया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया गया कि घटना के समय सास दया और ससुर सतवीर घर पर मौजूद नहीं थे। वहीं, रोहित की मोबाइल लोकेशन सिरसा टोल प्लाजा के पास मिली थी।
