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श्री श्री रवि शंकर बोले-बस इसी तरीके से सुलझ सकता है बाबरी-राम जन्मभूमि विवाद

Ayodhya dispute : श्री श्री बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने के रास्ते तलाश रहे हैं।

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर।

आर्ट अॉफ लिविंग के फाउंडर श्री श्री रवि शंकर ने गुरुवार को अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद सुलझाने का तरीका सुझाया। उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद सुलझाने का एक ही तरीका है कि यहां हिंदू और मुस्लिमों के सहयोग से एक भव्य मंदिर बनाया जाए। श्री श्री बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने के रास्ते तलाश रहे हैं। गुरुवार को मुद्दे से जुड़े सभी लोगों से बातचीत करके रवि शंकर ने कहा,”100 साल बाद एक खास समुदाय को लगेगा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ। यही मुद्दा फिर से उठ सकता है। अगर इस मुद्दे को हमेशा के लिए सुलझाना है तो इसका केवल यही तरीका है कि दोनों समुदायों की मदद से यहां एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाए।” श्री श्री ने कहा, ”यह सपना सच हो सकता है। देश से युवाओं और समुदायों में प्यार और भाईचारा है।”

रवि शंकर ने कहा कि वह कोई फॉर्म्युला लेकर अयोध्या नहीं आए हैं। विवाद सुलझाने को लेकर शंकर ने राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास, जमीन विवाद केस में वादी इकबाल अंसारी, निर्मोही अखाड़े के संतों और विध्वंस मामले में याचिकाकर्ता हाजी महमूद से मुलाकात की। बैठक के बाद दास ने बताया, ”शंकर ने कहा कि समझौता सौहार्दपूर्ण वातावरण में पहुंचना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोई न कोई तरीका निकाल लेंगे।” वहीं अंसारी ने कहा, ”बातचीत से मसला नहीं सुलझेगा और केवल सुप्रीम कोर्ट को ही इस मामले में फैसला देना होगा।”

श्री श्री के साथ बैठक के बाद हाजी महबूब ने कहा, ”मैंने उनसे (रवि शंकर) कहा कि मैं न तो उनकी पहल के खिलाफ हूं और न ही मंदिर के। लेकिन विवादित स्थल को मस्जिद के लिए छोड़ देना चाहिए और मंदिर कहीं और बनाना चाहिए।” वहीं अखाड़े के संतों से बैठक के बाद शंकर ने कहा कि बड़ी तादाद में मुस्लिम राम मंदिर का विरोध नहीं कर रहे हैं।

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