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पंजाब : कैप्टन अमरिंदर ने किसानों से कहा- कल तक माफ हो जाएगा कर्ज, 15 मिनट बाद खाते में आने लगे पैसे

पंजाब में कांग्रेस सरकार ने किसानों का 1771 करोड़ का कर्ज माफ करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के महज 15 मिनट बाद ही किसानों के बैंक खातों में पैसे आने लगे।

अमरिंदर सिंह सोर्स इंडियन एक्सप्रेस

पंजाब में कांग्रेस सरकार ने किसानों का 1771 करोड़ का कर्ज माफ करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इससे करीब 1.09 लाख किसानों को फायदा होगा। उन्होंने शुक्रवार को हितग्राहियों को चेक बांटने के दौरान वादा किया कि कर्जमाफी का पैसा शनिवार तक किसानों के खाते में आ जाएगा। हालांकि, इस घोषणा के महज 15 मिनट बाद ही किसानों के बैंक खातों में पैसे आने लगे।

इजरायल से सीखने की सलाह दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करें। जल संरक्षण सबकी जिम्मेदारी है। सरकार इस बारे में एक योजना का ऐलान भी करेगी। उन्होंने अपने इजरायल दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी पानी की किल्लत है। इसके बावजूद वहां के लोग खेती में अव्वल हैं। हमें इससे सीख लेनी चाहिए और खेती के मॉडर्न तरीके अपनाने चाहिए।

पंजाब में किसानों पर हुए तीन सर्वे
पंजाब में किसानों के आत्महत्या करने के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पंजाब के सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 2000 से 2010 के बीच 6,926 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। राज्य सरकार ने तीन सर्वे कराए थे। पहले सर्वे में संगरूर, मनसा, बठिंडा जिलों को शामिल किया गया, जहां से किसानों की खुदकुशी की सबसे ज्यादा खबरें आ रही थीं। यहां 2000 से 2008 के बीच 1,757 किसानों ने अपनी जान दी। वहीं, दूसरे सर्वे में मोगा, लुधियाना और बरनाला जिलों को शामिल किया गया। यहां 2000 से 2010 के बीच 6,000 किसानों ने आत्महत्या की। वहीं, तीसरे सर्वे में संगरूर, मनसा, बठिंडा, मोगा, लुधियाना और बरनाला समेत पंजाब के 19 जिलों को शामिल किया गया। 2011 से अप्रैल 2014 तक इन जिलों में करीब 7,000 किसानों ने आत्महत्या की।

 

किसान संगठनों का दावा- 40 हजार से ज्यादा केस
किसान संगठनों का दावा है कि आत्महत्या के वास्तविक आंकड़े सर्वे के आंकड़ों से कहीं ज्यादा हैं। भारतीय किसान यूनियन एकता के महासचिव सुखदेवी सिंह कोरी कलां ने कहा कि हमारे नमूना-सर्वेक्षण के मुताबिक, यह संख्या 40 से 50 हजार के बीच हैं।

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